रक्षा का पवित्र बंधन – रक्षाबंधन
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amazing facts about raksha bandhan- ये तो सभी को पता है की रक्षाबंधन भाइयों की तरफ से अपनी बहनो के लिए उनकी सुरक्षा और रक्षा का एक अटूट विश्वास से भरा एक नाजुक मगर मजबूत बंधन है.

वैसे तो raksha bandhan को एक सदा सा धागा बाँधा जाता है. मगर ये धागा दिखने में जितना सदा होता है उतना ही रिश्ते की मजबूती को दर्शाता है.

इस पवित्र festival में एक तरफ बहन अपने भाई के लिए लम्बी और खुशियों से भरी ज़िंदगी के लिए दुआ मांगती है तो दूसरी और भाई अपनी बहन की जीवन भर रक्षा का भरोसा दिलाता है.

raksha bandhan भाई-बहन के अटूट प्रेम के लिए समर्पित त्यौहार है. राखी का ये त्यौहार एक धर्मनिरपेक्ष त्यौहार है.

ये festival हिन्दू धर्म के अलावा अन्य धर्मो में भी अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है. हिन्दू धर्म के अनुसार रक्षाबंधन सावन के महीने में पूर्णिमा के दिन पड़ता है.  भारत के अलावा राखी का त्यौहार अन्य देशों में भी मनाया जाता है.

इतिहास के झरोखे से amazing facts about raksha bandhan

Indian history कि माने तो राखी का सिलसिला ऐसी बाहों से चल जो सगी नहीं थी. ये ऐसी बहनें थी जो अपनी रक्षा के लिए भरोसेमंद लोगो को अपना रक्षक भाई बनाती थी.

इतिहास में बहुत सारी कहानी भाई-बहन के इस अटूट रिश्ते के लिए जाना जाता है. जैसे

चित्तौड़ की महारानी कर्णावती और मुगल शहंशाह हुमायूं की कहानी.

कहा जाता है कि चित्तौड़ की महारानी कर्णावती ने अपने अपने राज्य के रक्षा के लिए मुगल शहंशाह हुमायूं को रक्षाबंधन भेजा था और उनसे अपने राज्य की रक्षा की प्रार्थना की थी. राखी की लाज रखते हुए हुमायूं आया भी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुका था चित्तौड़ हार चुका था और महारानी ने जोहर कर लिया था.

सिकंदर की पत्नी और राजा पुरुराज –

सिकंदर जब अपने सत्रु पुरुराज से लड़ने गया उस समय पुरुराज को सिकंदर की पत्नी ने पहले अपने पति की रक्षा के लिए पुरुराज को राखी बांध दी थी. जिस कारण पुरुराज ने सिकंदर को युद्ध में कई बार प्राणदान दिए.

भगवान् कृष्ण और द्रोपदी.

हालाँकि द्रोपदी ने यहाँ अपनी रक्षा के लिए कृष्ण को अपना भाई नहीं माना बल्कि कृष्ण ने ही द्रोपदी को अपनी बहन मान लिया था.

इसकी पीछे कि कहानी को देखे तो एक बार जब कृष्ण ने शिशुपाल को मारा तो उनकी ऊँगली से खून बहने लगा जिससे देखकर द्रोपदी ने उनकी ऊँगली में अपने साड़ी का टुकड़ा चीर कर बंधा था, जिसके बाद से ही कृष्ण ने द्रोपदी को अपने बहन बना लिया था.

कृष्ण और द्रोपदी से जुड़े किस्से में थोड़ा सा फर्क भी दीखता है. कहीं-कहीं कृष्ण के पतंग उड़ाते समय ऊँगली कट जाने के कारण भी द्रोपदी द्वारा दुप्पटे का टुकड़ा बंधा गया.

अलग-अलग रूप में रक्षाबंधन

Raksha bandhan in India – वैसे तो भारत के अलावा रक्षाबंधन अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. मगर भारत देश में ही देखें तो raksha bandhan के अनेक रूप नज़र आते हैं.

  • राजस्थान में रामराखी या चूड़ाराखी बांधने का रिवाज़ है. रामराखी केवल भगवान् को बाँधी जाती है और चूड़ाराखी भाभी की चूड़ियों में बाँधी जाती है.
  • राखी को बुंदेलखंड में कजरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है.
  • महाराष्ट्र में श्रावणी के नाम से मनाया जाता है.

News Reporter

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