सिजेरियन डिलीवरी ही क्यों
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What are the benefits of cesarean delivery

सामान्य डिलीवरी की जगह कई लोग सिजेरियन को ज़्यादा महत्व देने लगे है। आपने देखा होगा कि सिजेरियन डिलीवरी आपातकालीन स्थिति में भी की जाती है, यहाँ तक की कुछ लोग तो समय से पहले ही ये तय कर लेते है कि उन्हें सिजेरियन डिलीवरी ही करवाना है.
सिजेरियन डिलीवरी को सी-सेक्शन डिलीवरी भी कहते हैं. कई बार मेडिकल लाइन में डिलीवरी के अंतिम समय में ऐसी परिस्थिति बन जाती है, की सिजेरियन डिलीवरी ही करवानी पड़ती है.

अब बात करते हैं कि लोग cesarean delivery पर जोर क्यों डालते है.

कोई भी माँ नहीं चाहती कि उसके साथ उसके होने वाले बच्चे पर खतरा बने. वो अपनी जान जोखिम डाल सकती है मगर बच्चे कि ज़िंदगी खतरे मे आये इसके लिए वो कोई भी रिस्क उठाना पसंद करती है.  इसलिए माँ और परिवार वाले सोचते है कि नॉर्मल डिलीवरी में प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती और शिशु दोनों की जान को खतरा बाद रहा है तो क्यों न सिजेरियन डिलीवरी ही करवाई जाये. आज कल कई फेमस लोग जैसे Bollywood celebrities भी सी-सेक्शन डिलीवरी ही चूस करती हैं. इनके काजोल, शिल्पा शेट्टी, मंदिर बेदी, करीना कपूर आदि.

आइये देखते हैं कि किन स्थिति में cesarean delivery की जरुरत पड़ती है

सबसे पहले बात करते हैं शिशु की – जब गर्भ में शिशु के दिल की धड़कन असामान्य हो, शिशु के पैर नीचे की तरफ हैं. गर्भ में दो या दो से ज्यादा शिशु होने पर भी ऐसा किया जाता है।

गर्भवती को समस्या – गर्भ में किसी प्रकार की गांठ हो, पहले भी आपका सी-सेक्शन हुआ है।

अब बात करते हैं benefits of cesarean delivery-

  • सबसे बड़ी बात जो पीड़ा सामान्य प्रसव के दौरान सिजेरियन करवाने में नहीं होती।
  • आप जब चाहो तब यानि अपनी मनचाही तारीख पर डिलीवरी करवा सकती है
  • नार्मल डिलीवरी के वक़्त शरीर पर पड़ने वाले स्ट्रेच मार्क्स सिजेरियन डिलीवरी में नहीं पड़ेंगे

यदि आप चाहती हो कि सिजेरियन के बाद आपकी दूसरी डिलीवरी नार्मल हो तो जरुरी है कि पहले सिजेरियन के बाद इन्फेक्शन न हो, सभी प्रकार की जांच नार्मल हो और महिला को अधिक मोटापा नहीं होना चाहिए. दूसरी डिलीवरी के बीच कम से कम दो से तीन साल का अंतर हो.

News Reporter

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