गौतम बुद्ध को समझो, ना कि बौद्ध बन जाओ
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Buddha Purnima Special –

हर साल बैशाख माह की पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध का जन्‍मोत्‍सव (Buddha Purnima Special) मनाया जाता है। ‘बुद्ध पूर्णिमा’ का त्यौहार बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। बौद्ध धर्म के अनुयायी बुद्ध पूर्णिमा के इस दिन को बड़े ही उत्‍साह से पारंपरिक ढंग से मनाते हैं।
भारत के बिहार राज्य में स्थित बोधगया और कुशीनगर पवित्र धार्मिक स्थल है। भारत के साथ-साथ चीन, नेपाल, सिंगापुर, थाइलैंड, जापान, मलेशिया, श्रीलंका जैसे दुनिया के कई देशों में बुद्ध पूर्णिमा के दिन बुद्ध जयंती मनाई जाती है।
‘बुद्ध पूर्णिमा’ के दिन अलग-अलग पुण्य कर्म करने से अलग-अलग फलों की प्राप्ति होती है। इसके आलावा ये भी माना जाता है कि वैशाख पूर्णिमा को ही भगवान विष्णु ने अपने नौवें अवतार भगवान बुद्ध के रूप में जन्म लिया। वैशाखी पूर्णिमा बड़ी ही पवित्र तिथि है। दान पुण्य और धर्म कर्म के अनेक कार्य किये जाते हैं।

OSHO के अनुसार – गौतम बुद्ध को समझो, ना कि बौद्ध बन जाओ। उनका अनुसरण मत करो। उस समझ को अपनी प्रज्ञा द्वारा आत्मसात करो, बल्कि उसे अपना बन जाने दो। जिस क्षण भी वो तुम्हारी अपनी हो जाती है, वह तुम्हे रूपांतरित करने लगती है। तब तक वह गौतम बुद्ध की रही है, और उसमे पच्चीस सदियों का अंतर है। तुम बुद्ध के शब्दों को दोहराये चले जा सकते हो–वे सूंदर हैं परंतु वे तुम्हें उसको पाने में मदद ना कर सकेंगे जिसकी खोज में तुम हो।
और गौतम बुद्ध का सबसे बड़ा योगदान यह है कि : तुम अपनी शाश्वतता, अपनी लौकिक सत्ता को प्राप्त कर सकते हो अगर तुम बिना किसी उद्देश्य के, बिना किसी इच्छा के, और बिना किसी लालसा के शांत बैठ सको, बस अपने होने का आनंद लेते हुए–उस खाली अंतराल में जहां सहस्त्र कमल खिल उठते हैं। गौतम बुद्ध अपने आप में एक श्रेणी है। सिर्फ कुछ ही लोगों ने उनको समझा है

महात्‍मा बुद्ध ने अपने जीवन में तमाम ऐसे उपदेश दिए, जो बौद्ध धर्म के आदर्श वाक्‍य बन गए जैसे –

  1. – बूंद से बूंद पानी का घड़ा भरता है, इसी तरह, बुद्धिमान व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा इकट्ठा करके खुद को अच्‍छाई से भर देता है.
  2. घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती, बल्कि प्रेम से घटती है, यही शाश्वत नियम है.
  3. वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पास पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके लिए एक भी संकट नहीं है.
  • हर इंसान अपने स्वास्थ्य या बीमारी का लेखक है.
  • मन सब कुछ है। जो तुम सोचते हो वो तुम बनते हो।
  • जो मनुष्य दूसरे की पीड़ा को देख व्यथित हो जाये उससे उत्तम कोई दूसरा नहीं।
  • पैर तभी पैर महसूस करता है जब यह जमीन को छूता है।
  • नशे के सेवन न करें
  • असमय भोजन करने से बचें
  • धन की बचत करें
  • नृत्य-गान आदि कार्यक्रमों में हिस्सा न लें
  • भोग-विलास वाली चीजों से दूर रहें

News Reporter

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