देवउठनी एकादशी का महत्व

देवउठनी एकादशी का महत्व

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सोमवार 19 नवंबर को देवउठनी एकादशी वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी होती है। इस एकादसी से चार महीने से बंद मांगलिक कार्य, विवाह आदि फिर से प्रारंभ हो जाते हैं।  इस एकादशी को देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है…

आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ 11 नवंबर को

आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ 11 नवंबर को

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छठ पूजा सूर्य और उनकी पत्नी उषा को समर्पित  आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ नहाय-खाए से रविवार 11 नवंबर को शुरू होगा जो अगले चार दिनों तक चलेगा। सोमवार 12 नवंबर को लोहंडा-खरना और मंगलवार 13 नवंबर की शाम सूर्य भगवान को…

भाई-बहन के परस्पर प्रेम और स्नेह का प्रतीक भाई दूज

भाई-बहन के परस्पर प्रेम और स्नेह का प्रतीक भाई दूज

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कैसे मनाएं भाई दूज जानिए भाई दूज मनाने की तिथि और नियम भाई दूज (यम द्वितीया) कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष में द्वितीया तिथि जब अपराह्न (दिन का चौथा भाग) के समय…

कैसे मनाएं रूप चौदस और निखारे रूप

कैसे मनाएं रूप चौदस और निखारे रूप

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नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली के रुप में मनाया जाता है रूप चतुर्दशी को नर्क चतुर्दशी, नरक चौदस, रुप चौदस अथवा नरका पूजा के नामों से जाना जाता है. इस दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का विधान…

Karva Chauth पर खास मेहंदी रचाने के टिप्स

Karva Chauth पर खास मेहंदी रचाने के टिप्स

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Karva Chauth पर  सबसे खास मेहंदी डिज़ाइन्स रचाने के टिप्स अधिकतर महिलाओं को मेहंदी लगाना पसंद होता हैं। वह अलग अलग ख़ुशी के मोको पर मेहँदी लगाती है। इन सभी मोको में से सबसे खास पल होता है करवाचौथ का दिन, जब…

महिलाएं ये काम करवा चौथ पर भूलकर भी न करें

महिलाएं ये काम करवा चौथ पर भूलकर भी न करें

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Karwa-chauth do or don’t doing Karwa Chauth के दिन सौभाग्यशाली महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं सज संवरकर चंद्रमा की पूजा करती हैं। इस साल करवा चौथ 27 अक्टूबर यानी कल मनाया जाएगा। हर…

क्यों मानते हैं शरद पूर्णिमा

क्यों मानते हैं शरद पूर्णिमा

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क्यों मानते हैं शरद पूर्णिमा को विशेष पूर्णिमा  इस साल शरद पूर्णिमा 24 अक्टूबर को पड़ रहा है। इस पूर्णिमा को कोजगार पूर्णिमा भी कहते हैं। जिसको बिहार में बड़े जोर-शोर के साथ मनाया जाता है.  पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में बहुत…

कौन था रावण और क्यों हुआ राक्षस कुल में पैदा ?

कौन था रावण और क्यों हुआ राक्षस कुल में पैदा ?

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भगवान शंकर का बड़ा भक्त था रावण वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस दोनों ही ग्रंथों में रावण को बहुत महत्त्व दिया गया है। राक्षसी माता और ऋषि पिता की सन्तान होने के कारण सदैव दो परस्पर विरोधी तत्त्व रावण के अन्तःकरण को मथते…

भगवान राम और रावण में समानताएं

भगवान राम और रावण में समानताएं

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भगवान राम के साथ उनके घोर शत्रु रावण का भी नाम लिया जाता है, राम की ऐसी कीर्ति में रावण का बड़ा योगदान है. सबसे कमाल की बात तो यह है कि, भगवान राम और रावण में ऐसी कई बातें हैं जो…

माँ कात्यायनी की उपासना से होती है मनोवान्छित वर की प्राप्ति

माँ कात्यायनी की उपासना से होती है मनोवान्छित वर की प्राप्ति

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माँ कात्यायनी की भक्ति और उपासना से चारों फलों की होती है प्राप्ति Navratri Special कात्यायनी नवदुर्गा के नौ रूपों में छठवें रूप है. संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हैमावती, इस्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं. स्कंद पुराण में उल्लेख…