जब भगवान राम ने उड़ाई पतंग

जब भगवान राम ने उड़ाई पतंग

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श्री राम ने खिलाये थे हनुमान जी को तिल के लड्डू भारत में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। उन त्योहारों से जुड़ी अनेक मान्यताएं व परंपराएं भी प्रचलित है। उन परंपराओं के पीछे अनेक कारण भी हैं जो कहीं न कहीं हमारे लिए…

शिवलिंग के सामने हमेशा नंदी क्यों होता हैं?

शिवलिंग के सामने हमेशा नंदी क्यों होता हैं?

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नंदी की जन्म कथा :- शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त न होता देख उनके पितरों ने अपनी चिंता उनसे व्यक्त की. मुनि योग और तप आदि में व्यस्त रहने के कारण गृहस्थाश्रम नहीं अपनाना चाहते थे. शिलाद…

त्रिपुरासुर कौन था?

त्रिपुरासुर कौन था?

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महाभारत के कर्णपर्व में त्रिपुरासुर के वध की कथा बड़े विस्तार से मिलती है। भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर का वध करने के बाद उसके तीनों पुत्रों ने देवताओं से बदला लेने का प्रण कर लिया। तीनों पुत्र तपस्या करने के लिए जंगल…

ईश्वर काल्पनिक है या हक़ीक़त

ईश्वर काल्पनिक है या हक़ीक़त

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ईश्वर काल्पनिक है या हक़ीक़त इस बात से ईश्वर को फर्क नही पड़ता मगर हमे पड़ सकता है। ईश्वर के होने न होने की बहस बहुत ही प्राचीन रही है, लेकिन हर काल में यह नए रूप में सामने आती है। इस…

ईश्वर अवतार क्यों लेते है?

ईश्वर अवतार क्यों लेते है?

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हरी अनंत-हरी कथा अनंता. वेद पुराण में कई जगह लिखा है ईश्वर के अवतार लेने कारण, मेरे हिसाब से ईश्वर के अवतार लेने के कारण कई हो सकते है. मगर हम वेदों और पुराण अथवा रामायण में लिखे कारणों को मान कर…

साक्षात हनुमान जी के अंश – नीम करोलि बाबा

साक्षात हनुमान जी के अंश – नीम करोलि बाबा

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भारत श्रषि-मुनियों की धरती रही है। पुरातन काल से लेकर अभी तक भारत ने बहुत से महात्माओं को देखा है, महात्माओं ने ही आध्यात्म जगत को पुन: भारत में स्थापित किया था। संत और महात्मा लोग हमारे जीवन को प्रकाशवान करते ही…

रामायण का आध्यात्मिक अर्थ

रामायण का आध्यात्मिक अर्थ

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रामायण का आध्यात्मिक अर्थ रामायण का समय त्रेतायुग का माना जाता है। भारतीय कालगणना के अनुसार समय को चार युगों में बाँटा गया है- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग एव कलियुग। संसार के सम्पूर्ण साहित्य में रामायण के अतिरिक्त अन्य किसी ग्रन्थ ने…

रामायण और महाभारत की कथाओं में समानताएं

रामायण और महाभारत की कथाओं में समानताएं

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श्रीरामचरित मानस गोस्वामी तुलसीदास रचित एक महाकाव्य है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। रामचरित मानस में निम्न सात अध्याय हैं – १. बालकाण्ड २. अयोध्याकाण्ड ३. अरण्यकाण्ड ४. किष्किन्धाकाण्ड ५. सुन्दरकाण्ड ६.लंकाकाण्ड (युद्धकाण्ड) ७. उत्तरकाण्ड वहीँ वाल्मीकीय रामायण…

राहु काल के बारे में आप क्या जानते हैं?

राहु काल के बारे में आप क्या जानते हैं?

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हर दिशा में जाने के लिए एक ग्रह उस दिशा को नियंत्रित करता है जिसको ग्रह दिक बोलते है इस प्रकार 9 ग्रह और एक लग्न मिला कर दस दिक यानी 10 दिशाओ में हर एक का प्रधिनित्व एक ग्रह करता है…

क्या है पंचमुखी हनुमान ?

क्या है पंचमुखी हनुमान ?

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जब भगवान राम जी और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावन को याद किया जो मां भवानी का परम…