प्रेग्नेंसी में खतरे के संकेत को कैसे पहचाने
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Common signs of pregnancy?

Pregnancy में खतरे के संकेत को कैसे पहचाने – आप यदि माँ बन चुकी हैं तो आपको ये पता होगा की Pregnancy के समय जब वज़न बढ़ने या शरीर के किसी ख़ास हिस्से में एक्स्ट्रा फ़ैट जमा होने लगता है. तो हम बेफ़िक्र हो जाते हैं. ये बड़ा हुआ फैट हमें नुकसान दायक नहीं लगता. मगर यदि आप पहली बार प्रेग्नेंट हो रही है. तो आपके लिए लेख काफी मददगार साबित होगा.

Precautions in pregnancy

Pregnancy में सावधानियां रखना बहुत ज़रूरी होता है, क्यूंकि जब हम गर्भवती होती है तो हम कई बड़ी जिम्मेदारियों से बच जाते हैं. और ये वही समय होता है जब हम सावधानी रखना छोड़ देते हैं. जब एक गर्भवती महिला को इस समय अपना खास ध्यान रखना पड़ता है. डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने बहुत मायने रखते हैं।

Pregnancy के समय हमे किन बातों से खतरा है और कहाँ हमको अपनी केयर रखना है. आज इसी बात पर चर्च करते हैं.  प्रेग्नेंसी के समय हमारे हार्मोन बहुत जल्दी जल्दी बदलते रहते हैं जिसका असर सीधा हमारे मूड पर पड़ता है और ये केवल मूड नहीं बल्कि मूड के साथ – साथ शरीर पर भी असर डालते हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में ज्यादा भीड़भाड़, प्रदूषण और रेडिएशन वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। शरीर में पानी की कमी नहीं हो इसके लिए दिनभर में चार या पांच बार तरल चीजें, जैसे छाछ, नींबू-पानी, नारियल पानी, फलों का जूस या शेक पीएं।
दवा के गर्भनाल के माध्यम से बच्चे के खून में प्रवेश करने की आशंका रहती है। इसलिए पहले तीन महीनों में डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा ना खाएं। कच्चे मांस, कच्चे अंडे और पनीर के सेवन से भी पहरेज करें

  • कोई भी तनाव या Tension आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है जिसका बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान जितना हो सके, खुश रहें।
  • Pregnancy के दौरान हर महिला को थोड़ा-बहुत पेट दर्द या पेट में खिचाव होता ही है मगर जब ये दर्द बढ़कर असहनीय हो जाए तो समझ लीजिये आपको मेडिकल एमर्जेंसी आ पड़ी है. और तत्काल अपने डॉक्टर्स से संपर्क करें.
  • प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग होना एक आम समस्या है. जो की ९० प्रतिशत महिलयों को होती है. मगर ये ब्लीडिंग गर्भावस्था के दौरान आपकी वेजाइना से बहुत हैवी हो, तो तत्काल डॉक्टर्स के पास जाएँ.
  • पेट दर्द के अलावा कई महिलयों को मरोड़ का भी अनुभव होता है जो की देखने में काम समय और सामान्य दर्द लगता है. मगर ये मरोड़ भी यदि काफी हद तक बढ़ जाये तो भी आप इसे इग्नोर न करें.
  • गर्भ में पल रहे बच्चे का यदि मूवमेंट होना बंद हो जाये. एक माँ को अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का हिलना-डुलना काफी सुखद अनुभव देता है. मगर ये हिलना – डुलना रूक जाये तो ये काफी चिंताजनक स्थिति है. इसलिए फ़ौरन अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिले.
  • प्यास का बढ़ना, मुंह का सूखना, कमजोरी और सर में हल्कापन महसूस होना, गहरे रंग का पेशाब या कम पेशाब आना।
  • हर दस मिनट या उससे अधिक अवधि में सिकुडन का एहसास होना।
  • पेशाब करते समय जलन का एहसास होना
  • पीठ के नीचे की तरफ हल्का सा दर्द होना।
  • बेहोशी, बार बार चक्कर आना

ये सारे लक्षण जरुरी नहीं कि सबका एक ही कारण हो इसलिए अच्छा होगा आप अपने Best Gynecologist की तुरंत सलाह लें।

News Reporter

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