सेहत एक गतिशील प्रक्रिया है। यह हमारे जीवन शैली, हमारे खाने की आदतों, हमारे नींद की दिनचर्या, हमारे विचारों इत्यादि के बदलने के अनुरूप बदलती रहती है। हर दिन हम सब को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि हम एक लंबा, सफल एवं सेहतमंद जीवन जी सकें। हमारा निश्चित उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम अपने दिन की योजना कुछ इस प्रकार बनाएं कि हमारे शारीरिक एवं मानसिक उपयोग में संतुलन स्थापित हो सके। हम सेहतमंद एवं तंदुरुस्त होकर अपने जीवन में एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। विटामिन और खनिज की उचित मात्रा की कमी आज स्वास्थ्य में गिरावट के लिए जिम्मेदार व सबसे महत्वपूर्ण कारणों में शामिल है। सब्जियां, फल और डेयरी उत्पादों के अनुचित सेवन से हमारे शरीर में खनिज पदार्थों एवं विटामिनों की कमी हो जाती है। खनिज पदार्थों और विटामिनों की कमी की वजह से हर प्रकार की बीमारियां हमें घेर लेती हैं क्योंकि रक्त, ऊतकों, मांसपेशियों और हड्डियों की मरम्मत के लिए पोषक तत्व अनिवार्य रूप से आवश्यक हैं। Good fitness का मतलब केवल शरीर का रोगमुक्त रहना ही नहीं है बल्कि किसी व्यक्ति को रोगमुक्त तभी कहा जाएगा जब वह शारीरिक, मानसिक और साथ ही आध्यात्मिक रूप से भी पूरी तरह तंदुरुस्त हो। किसी व्यक्ति के स्वस्थ होने का मतलब है उसका मस्तिष्क स्वस्थ हो, उसका शरीर लचीला हो, वह उर्जावान एवं प्रसन्नचित्त हो और उसके अंदर शांति, धैर्य आदि गुणों का समागम हो। तनाव, चिंता, मूड में उतार-चढ़ाव भी एक व्यक्ति के अस्वस्थ होने के लक्षण हैं। सेहतमंद होने का अभिप्राय किसी व्यक्ति के शारीरिक, भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ होने से है। स्वास्थ्य खराब होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं: हर पीढ़ी को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखना चाहिए। यह आसान है यदि बचपन से ही, जीवन के इस पहलू पर ध्यान केंद्रित कर लिया जाए, क्योंकि बचपन के आहार की आदतों को बाद में बदलना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए हमें बच्चों को जरूरत से ज्यादा खिलाने से बचना चाहिए।       भोजन से संबंधित अच्छी आदतों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए, इस प्रकार हैं:   स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बने रहने के लिए सरल प्रयासों की आवश्यकता होती है, जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं: Exercise की नियमित दिनचर्या हमारे वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है, और यह हमारी सहनशक्ति और ऊर्जा के स्तर को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ा देता है। यदि कोई व्यक्ति व्यायाम करता है तो उसके शरीर का बुनियादी उपापचय दर बढ़ जाती है। लोगों द्वारा आजकल व्यायाम के लिए समय निकालना मुश्किल हो चुका है क्योंकि वे व्यायाम को प्राथमिकता नहीं दे पा रहे, इसके बावजूद संतुलन बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति को पैदल चलना चाहिए या कुछ दूरी तक जाने के लिए गाड़ी चला के जाने के बजाए साईकिल का इस्तेमाल करना चाहिए, लिफ्ट या एस्केलेटर के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए, फोन पर बात करते वक्त चलना या जब भी समय उपलब्ध हो उसका लाभ व्यायाम करके उठाना चाहिए। ऐसी ही एक और गतिविधि योग है जिसके द्वारा मनुष्य के शारीरिक एवं मानसिक दोनो ही की बेहतरी पर जोर दिया जाता है। योग स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक प्रभावी तरीका है और यह बीमारियों के खिलाफ एक प्रतिबंधक उपाय के तौर पर कार्य करता है। यह स्वास्थ्य को खराब करने वाले प्रमुख प्राकृतिक एवं मानसिक कारणों जैसे तनाव, चिंता, अवसाद, आदि, को कम करता है। योग ध्यान ऊर्जा में वृद्धि करता है एवं ताजगी प्रदान करने के साथ ही व्यक्ति में आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है। संतुलित पोषक आहार खाने से सीधे तौर पर व्यक्ति के जीवन शैली को लाभ पहुंचता है। उचित आहार के फलस्वरूप शरीर में चर्बी नहीं बढ़ती और इससे खुद के स्वस्थ होने का एहसास होता है। भोजन में फल और सब्जियां खाने से लोगों को कैलोरी के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है, रोग का खतरा कम होता है, आवश्यक खनिज और विटामिन का संतुलन बना रहता है। स्वच्छता और सफाई भी किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। किसी ऐसी जगह पर बैठने से जो ठीक से साफ ना हो, व्यक्ति तुरंत अस्वस्थ हो सकता है और उसे कई बीमारियां लग सकती हैं। अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता अपने आप को तथा दूसरों को कई बीमारियों से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। सेहत एवं तंदुरुस्ती, हम क्या खाते हैं, हम किस प्रकार अपना जीवन जीते हैं, हमारी अवकाशकालीन गतिविधियों का चुनाव एवं हम अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए क्या करते हैं, द्वारा निर्धारित होती है। तंदुरुस्त बने रहना इस बात पर निर्भर करता है कि हम व्यक्तिगत तौर पर अपने जीवन को किस प्रकार जीते हैं और तंदुरुस्ती के कौन से स्तरों को पाने की ख्वाहिश रखते हैं। अपने शरीर के अच्छा दिखने एवं महसूस करने के लिए अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखें और अपनी तंदुरुस्ती को कायम रखें जिससे आप अपने जीवन शैली को व्यवस्थित करने एवं उसका आनंद उठाने में सक्षम हो पाएंगे।"/>
हर वर्ग रखे अपने स्वास्थ्य का ख्याल
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सेहत एक गतिशील प्रक्रिया है। यह हमारे जीवन शैली, हमारे खाने की आदतों, हमारे नींद की दिनचर्या, हमारे विचारों इत्यादि के बदलने के अनुरूप बदलती रहती है। हर दिन हम सब को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि हम एक लंबा, सफल एवं सेहतमंद जीवन जी सकें। हमारा निश्चित उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम अपने दिन की योजना कुछ इस प्रकार बनाएं कि हमारे शारीरिक एवं मानसिक उपयोग में संतुलन स्थापित हो सके। हम सेहतमंद एवं तंदुरुस्त होकर अपने जीवन में एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

विटामिन और खनिज की उचित मात्रा की कमी आज स्वास्थ्य में गिरावट के लिए जिम्मेदार व सबसे महत्वपूर्ण कारणों में शामिल है। सब्जियां, फल और डेयरी उत्पादों के अनुचित सेवन से हमारे शरीर में खनिज पदार्थों एवं विटामिनों की कमी हो जाती है। खनिज पदार्थों और विटामिनों की कमी की वजह से हर प्रकार की बीमारियां हमें घेर लेती हैं क्योंकि रक्त, ऊतकों, मांसपेशियों और हड्डियों की मरम्मत के लिए पोषक तत्व अनिवार्य रूप से आवश्यक हैं।

Good fitness का मतलब केवल शरीर का रोगमुक्त रहना ही नहीं है बल्कि किसी व्यक्ति को रोगमुक्त तभी कहा जाएगा जब वह शारीरिक, मानसिक और साथ ही आध्यात्मिक रूप से भी पूरी तरह तंदुरुस्त हो। किसी व्यक्ति के स्वस्थ होने का मतलब है उसका मस्तिष्क स्वस्थ हो, उसका शरीर लचीला हो, वह उर्जावान एवं प्रसन्नचित्त हो और उसके अंदर शांति, धैर्य आदि गुणों का समागम हो। तनाव, चिंता, मूड में उतार-चढ़ाव भी एक व्यक्ति के अस्वस्थ होने के लक्षण हैं। सेहतमंद होने का अभिप्राय किसी व्यक्ति के शारीरिक, भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ होने से है।

स्वास्थ्य खराब होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • दैनिक तनाव – छात्र अक्सर स्कूल के काम एवं परीक्षा की वजह से तनावग्रस्त हो जाते हैं। पेशेवरों में भी उनके जीवन और काम की वजह से तनावग्रस्त होने की संभावना होती है। इस तरह की स्थितियां असंतुलित मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
  • अवसाद – किसी भी वजह से लंबे समय तक तनाव बने रहने से अवसाद हो जाता है और यह स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन जाता है।
  • शराब एवं संरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन – शराब एवं अन्य संरक्षित खाद्य पदार्थं के सेवन से शारिरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती पर बुरा असर पड़ता है।
  • अनिद्रा – आजकल लोग देर रात तक काम करते हैं और साथ ही अपने मोबाईल फोन का भी इस्तेमाल देर रात तक करते रहते हैं और इस प्रकार उनके नींद का स्वाभाविक चक्र अस्त-व्यस्त हो जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक निर्धारित समय में सोना अनिवार्य है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है, सोने की एक निर्धारित समय प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है और कम नींद लेने से जीवन शैली पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ (जंक फूड्स) – आजकल जंक फूड्स अर्थात ऐसा खाना जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं परन्तु जिन्हें बनाना आसान होता है का प्रचलन बढ़ गया है और इसने पोषक आहार की जगह ले ली है। अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देती हैं।
  • प्रदूषण एवं अन्य प्रतिकूल प्राकृतिक वातावरण की वजह से भी हम बीमार हो जाते हैं अतः हमें उचित निवारक उपायों को अपनाकर इन परिस्थितियों में अपने स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए।

हर पीढ़ी को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखना चाहिए। यह आसान है यदि बचपन से ही, जीवन के इस पहलू पर ध्यान केंद्रित कर लिया जाए, क्योंकि बचपन के आहार की आदतों को बाद में बदलना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए हमें बच्चों को जरूरत से ज्यादा खिलाने से बचना चाहिए।

 

 

 

भोजन से संबंधित अच्छी आदतों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए, इस प्रकार हैं:

  • सुबह का नाश्ता सबसे भारी एवं रात का भोजन पूरे दिन में सबसे हल्का होना चाहिए।
  • भोजन करने से पहले सलाद खाएं।
  • न तो जरूरत से ज्यादा खाएं और न ही खुद को भूखा रखें।
  • फास्ट फूड एवं डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आपके जेब एवं दिल दोनों पर भारी होते हैं।
  • पीले, नारंगी और हरे रंग की सब्जियां एवं फलों द्वारा आपके दिल में जीवन-शक्ति का संचार होता है। आपकी उम्र बढ़ने के साथ, आप
  • अपने खाने पर नियंत्रण करें और अधिक व्यायाम करें।
  • बच्चों को नींद की आवश्यकता अधिक होती है, करीब 12-14 घंटे और एक वयस्क को प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है।

 

स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बने रहने के लिए सरल प्रयासों की आवश्यकता होती है, जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं:

Exercise की नियमित दिनचर्या हमारे वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है, और यह हमारी सहनशक्ति और ऊर्जा के स्तर को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ा देता है। यदि कोई व्यक्ति व्यायाम करता है तो उसके शरीर का बुनियादी उपापचय दर बढ़ जाती है। लोगों द्वारा आजकल व्यायाम के लिए समय निकालना मुश्किल हो चुका है क्योंकि वे व्यायाम को प्राथमिकता नहीं दे पा रहे, इसके बावजूद संतुलन बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति को पैदल चलना चाहिए या कुछ दूरी तक जाने के लिए गाड़ी चला के जाने के बजाए साईकिल का इस्तेमाल करना चाहिए, लिफ्ट या एस्केलेटर के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए, फोन पर बात करते वक्त चलना या जब भी समय उपलब्ध हो उसका लाभ व्यायाम करके उठाना चाहिए।

ऐसी ही एक और गतिविधि योग है जिसके द्वारा मनुष्य के शारीरिक एवं मानसिक दोनो ही की बेहतरी पर जोर दिया जाता है। योग स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक प्रभावी तरीका है और यह बीमारियों के खिलाफ एक प्रतिबंधक उपाय के तौर पर कार्य करता है। यह स्वास्थ्य को खराब करने वाले प्रमुख प्राकृतिक एवं मानसिक कारणों जैसे तनाव, चिंता, अवसाद, आदि, को कम करता है। योग ध्यान ऊर्जा में वृद्धि करता है एवं ताजगी प्रदान करने के साथ ही व्यक्ति में आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है।

संतुलित पोषक आहार खाने से सीधे तौर पर व्यक्ति के जीवन शैली को लाभ पहुंचता है। उचित आहार के फलस्वरूप शरीर में चर्बी नहीं बढ़ती और इससे खुद के स्वस्थ होने का एहसास होता है। भोजन में फल और सब्जियां खाने से लोगों को कैलोरी के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है, रोग का खतरा कम होता है, आवश्यक खनिज और विटामिन का संतुलन बना रहता है।

स्वच्छता और सफाई भी किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। किसी ऐसी जगह पर बैठने से जो ठीक से साफ ना हो, व्यक्ति तुरंत अस्वस्थ हो सकता है और उसे कई बीमारियां लग सकती हैं। अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता अपने आप को तथा दूसरों को कई बीमारियों से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

सेहत एवं तंदुरुस्ती, हम क्या खाते हैं, हम किस प्रकार अपना जीवन जीते हैं, हमारी अवकाशकालीन गतिविधियों का चुनाव एवं हम अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए क्या करते हैं, द्वारा निर्धारित होती है। तंदुरुस्त बने रहना इस बात पर निर्भर करता है कि हम व्यक्तिगत तौर पर अपने जीवन को किस प्रकार जीते हैं और तंदुरुस्ती के कौन से स्तरों को पाने की ख्वाहिश रखते हैं। अपने शरीर के अच्छा दिखने एवं महसूस करने के लिए अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखें और अपनी तंदुरुस्ती को कायम रखें जिससे आप अपने जीवन शैली को व्यवस्थित करने एवं उसका आनंद उठाने में सक्षम हो पाएंगे।

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