सावन के महीने में भूलकर भी न खाएं कुछ चीज़े
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शिव का प्रिय महीना सावन

सावन का महीना ऐसा महीना जिसमे चारों ओर हरियाली ही हरियाली होती है. ये इतना सायना मौसम होता है की इस मौसम में सभी तरह के लोग अपनी मन के अनुसार अपनी मस्ती में रहते हैं. ये ही महीना शिव का प्रिय महीना सावन होता है. ये महीना जितना आस्था और भक्ति का होता है उतना ही केयर करने का होता है. सावन में कुछ चीजों को खाने से परहेज किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार सावन में ज्यादातर आसमान में बादल छाए रहते हैं या फिर बारिश होती रहती है, जिस वजह से कई बार सूर्य और चंद्रमा दिखाई नहीं देते हैं। जब इनकी रोशनी हम तक नहीं पहुंचती है तो हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इन दोनों ग्रहों की रोशनी से पाचन शक्ति मजबूत होती है। इसलिए इस महीने में खान-पान में खास सावधानी रखनी चाहिए।

बैंगन –

शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में बैंगन वर्जित है। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े ज्यादा लगते हैं। ऐसे में बैंगन का सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।

दूध और उससे बनी चीजें

सावन के महीने में डेयरी प्रोडक्ट यानि दूध से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर पर कच्चे दूध का। इससे वात (पित्त और कफ) रोग हो सकते हैं। दरअसल, बारिश के मौसम में जहरीले कीडे- मकौड़ों की संख्या बढ़ जाती है। गाय या भैंस घास के साथ कई कीड़े-मकौड़ों को भी खा जाती हैं। इसीलिए दूध गुणकारी के बजाय हानिकारक हो जाता है। इसलिए सावन में दूध नहीं पीना चाहिए। यही कारण है कि सावन में शिव का दूध- दही से अभिषेक किया जाता है।

साग

आयुर्वेद के अनुसार बारिश में अक्सर हरी सब्जियों में बीमारी फैलाने वाले कीटाणु पाए जाते हैं। जिससे पेट और त्वचा से संबंधित बीमारियां होती हैं। इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इसीलिए सावन में हरी सब्जियां नहीं खाना चाहिए। यही वजह है कि आज भी घर के बड़े- बुजुर्ग सावन में साग और पत्तेदार सब्जियां बनाने के लिए मना करते हैं।

सलाद और मशरूम

जो लोग सलाद खाने की शौकीन हैं उन्हें सावन भर जरा सलाद से दूर ही रहना चाहिए। क्योंकि बारिश के मौसम में सब्जियों में बहुत जल्दी बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं जिसकी वजह से कच्ची सब्जियां खाने से बचना चाहिए। इसी तरह बारिश के मौसम में मशरूम खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है।

तली- भुनी चीजें

जैसे ही बारिश होती है आपका मन करता है कि समोसे, पकौड़े खाएं जाएं लेकिन क्या आपको पता है कि खासतौर पर सावन के महीने में ही तली- भुनी चीजें ज्यादा नुकसान करती हैं। डॉक्टर बताते हैं कि इस मौसम में ऐसी चीजें खाने से पेट में सूजन आने के साथ- साथ पाचन शक्ति भी कमजोर हो सकती है।

काम की बात

आयुर्वेद के अनुसार बारिश में ताजा, गर्म और जल्दी पचने वाली चीजें खाना चाहिए। इस मौसम में पुराना गेहूं, चावल, मक्का, सरसों, राई, खीरा, खिचड़ी, दही , मूंग, अरहर की दाल, सब्जियों में लौकी, तुरई, टमाटर खाएं और सेहतमंद रहें।

News Reporter

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