मुक्त हुई भारत की पिंक इकोनॉमी
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सुप्रीम कोर्ट के धारा 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर करने फैसले से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ‘पिंक इकोनॉमी’ के लिए रास्ते खुल गए हैं। यह कहना है विशेषज्ञों का। सुप्रीम कोर्ट के बीते हफ्ते आए ऐतिहासिक फैसले से समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भी खुशी का माहौल है।
जिस समुदाय के अधिकार के लिए वह सालों से लड़ाई लड़ रहे थे, आखिरकार वह अधिकार उन्हें मिल ही गया। कोर्ट के फैसले के बाद कार्यकर्ताओं सहित इस समुदाय के लोगों ने इंद्रधनुष रंग के झंडे फहराकर अपनी खुशी जाहिर की।

अब इस समुदाय के लोग फैशन, स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इससे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी।

इस कानून के खिलाफ याचिका दायर करने वालों में से एक केशव सुरी का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था में बिलियन डॉलर आ सकते हैं, अगर भारत में समलैंगिक लोगों पर भी खर्च किया जाए। ललित होटल के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर केशव सूरी का कहना है कि पिंक अर्थव्यवस्था और एलजीबीटी समुदाय के सामाजिक पहलुओं को अनदेखा करना अब बहुत बड़ी बात होगी।

News Reporter

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