मैं बेटी पर एक कविता लिखना चाहूंगी यहाँ पर -

घर की रौनक होती है बेटियां.. बाप का गुरुर होता है बेटियां... माँ के दिल की खनक होती हैं बेटियां... जीना सिखाती है बेटियां.. गुलशन में कलियाँ होती बेटियां.. सम्मान होती है बेटियां... दुलार होती हैं बेटियां.... मधुर मिठास होती है बेटियां... सुखी जीवन का अहसास होती है बेटियां... जीवन का आधार होती हैं बेटियां... घर पर जन्नत होती है बेटियां.. सच है जिनके बेटियां हैं उनका घर किसी जन्नत में से कम नहीं. बेटियां की कमी यदि घर में है तो घर घर नहीं मकान लगता है. उसमे बस काम की बातें होती है. कोई अहसास, कोई फीलिंग, कोई रूहानी ख़ुशी नहीं होती है. इसलिए बेटियों का होना जरुरी है.सबसे बड़ी बात जितना समय बेटी देती है उतना समय बेटा अपने माँ-बाप को नहीं देता

बेटियों का महत्व

हमें बेटियों को विशेष शिक्षा दिलानी चाहिए. क्यूंकि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में बढ-चढ़कर अपनी भूमिकाएं निभा रही हैं और वे अपनी जिम्मेदारी बेटों से कहीं अधिक ईमानदारी से निभा रही हैं। जहां आज बेटियां कार्यरत हैं वहां भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी बहुत कम देखने को मिलती है क्योंकि महिलाएं मूलरूप से पुरुषों से अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होती हैं। बेटियों का महत्व को समझना आज की विशेष जरुरत है, जरुरत है बेटियों को सम्मान देने की. दोस्तों बेटियां बोझ नहीं घर के सुकून होती है बेटियां."/>
बेटियों को घर की रोनक क्यों कहा जाता है?
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एक कविता मैंने पढ़ी थी. वो आपके साथ शेयर करना चाहती हूँ .

Beti par kavita

घर मे चाहे बगीचा हो..
बगीचे मे चाहे बहुत से…
फूल खिले हो।

आँगन मे चाहे गुलाब के..
फूलों की खुशबू हो।

लेकिन जीवन की बगिया मे
असली ख़ुशबू तो…
घर मे बेटी होने से ही होगी।

बेटी से घर की रौनक..
बेटी से ही जीवन मे खुशियाँ।

बेटियों को घर की रोनक क्यों कहा जाता है?

वैसे तो बच्चे सबको पसंद है. मगर बेटियों की किलकारी जब एक पिता को सुनाई देती है तो ऐसा लगता है. उसका मानो सारा जहाँ मुस्कुरा रहा हो. जिस घर में एक बेटी होती है उस घर में ईश्वर के विशेष कृपा होती है.

deepika with mother

मैं बेटी पर एक कविता लिखना चाहूंगी यहाँ पर –

घर की रौनक होती है बेटियां..
बाप का गुरुर होता है बेटियां…
माँ के दिल की खनक होती हैं बेटियां…
जीना सिखाती है बेटियां..
गुलशन में कलियाँ होती बेटियां..
सम्मान होती है बेटियां…
दुलार होती हैं बेटियां….
मधुर मिठास होती है बेटियां…
सुखी जीवन का अहसास होती है बेटियां…
जीवन का आधार होती हैं बेटियां…
घर पर जन्नत होती है बेटियां..

सच है जिनके बेटियां हैं उनका घर किसी जन्नत में से कम नहीं. बेटियां की कमी यदि घर में है तो घर घर नहीं मकान लगता है. उसमे बस काम की बातें होती है. कोई अहसास, कोई फीलिंग, कोई रूहानी ख़ुशी नहीं होती है. इसलिए बेटियों का होना जरुरी है.सबसे बड़ी बात जितना समय बेटी देती है उतना समय बेटा अपने माँ-बाप को नहीं देता

बेटियों को घर की रोनक क्यों कहा जाता है? 1

बेटियों का महत्व

हमें बेटियों को विशेष शिक्षा दिलानी चाहिए. क्यूंकि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में बढ-चढ़कर अपनी भूमिकाएं निभा रही हैं और वे अपनी जिम्मेदारी बेटों से कहीं अधिक ईमानदारी से निभा रही हैं। जहां आज बेटियां कार्यरत हैं वहां भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी बहुत कम देखने को मिलती है क्योंकि महिलाएं मूलरूप से पुरुषों से अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होती हैं।

बेटियों का महत्व को समझना आज की विशेष जरुरत है, जरुरत है बेटियों को सम्मान देने की. दोस्तों बेटियां बोझ नहीं घर के सुकून होती है बेटियां.

News Reporter

2 thoughts on “बेटियों को घर की रोनक क्यों कहा जाता है?

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