आपका जीवन बन जायेंगा सुखी
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सुखी इंसान वो होता हैं जो हर पारिस्थितियों में संतुष्ट रहना सीख लेता हैं।

लोग सोचते हैं की खुश रहने का सबसे बड़ा रहस्य सिर्फ और सिर्फ पैसा होता हैं तथा पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता हैं। जब इंसान के पास धन आ जाता हैं तथा जब वह धनी जीवन व्यतीत करने लग जाता है तब उसे पता चलता हैं कि सुख पैसे से प्राप्त नहीं होता हैं।

संतुष्टिपूर्ण जीवन ही सुखी जीवन हैं। संतुष्ट व्यक्ति हमेशा सुखी रहता हैं जबकि असंतुष्ट व्यक्ति हमेशा दुखी रहता हैं। जब इंसान इच्छाओं तथा लालसाओं पर काबू पा लेता हैं तब वो संतुष्ट और सुखी हो जाता हैं। हम आपको एक बात बता दें यदि आप भूल गए हो तो की जब इंसान की लालसाएं असीमित होने लगती हैं तब वो सबकुछ प्राप्त करने के पश्चात भी असंतुष्ट रहता हैं क्योकि कामनाएँ असीमित होती हैं जिसके परिणामस्वरूप दुःख पैदा होना शुरू हो जाता हैं।

हमें अपनी इच्छाओं और कामनाओं पर नियंत्रण करके अपनी पारिस्थितियों को बदलने का सतत प्रयास करना चाहिए ताकि हम स्वयं एवं हमसे सम्बंधित हर व्यक्ति सुखी रह सके। इन्सान जीवन में दुखी इसीलिए हैं क्योकि वो अपनी लालसाओं और अन्य लोगों घिरा हुआ है और इस भीड़ में खुद के लिए उसके पास समय नहीं है।

आप को सच्ची ख़ुशी चाइये तो आप खुद को समय दे, वो करे जो आपको सही और अच्छा लगता है, जैसे संगीत सुने, फिल्म देखे, किताब पढ़े या फिर जो भी आपको सुकून दें, आप सरल और शांत होने लग जायेंगे.

 

Tip for Happiness :

  • Hold on to your values.
  • Accept the good.
  • Push yourself, not others.
  • Do things you love.
  • Imagine the best
  • Find purpose.
  • Listen to your heart.
  • Be with others who make you smile.

 

रिश्तो को बिखरने न दें.
वो रिश्ते जो आपसे जुड़े है आपको ख़ुशी दे रहें है लेकिन कभी आपने सोचा है की वो ही रिश्ते आपको कही ना कही मानसिक रूप से आपको दुःख भी दे रहे है जिससे आपका जीवन बेहतर नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में आप उन्हें सँभालने की कोशिश करे, अपने घरेलू रिश्तो को मजबूत करे, जितना आप संभाल सकते है उतना संभाले और बाकी छोड़ दे। आप देखेगे की आपका जीवन कैसे सुखमय होने लग जाएगा। ये बात तय है की अगर आप जीवित है तो आपके सामने समस्याए आएगी ही आएगी और ऐसे में आपके मन में तनाव आएगा, आपको टेंशन होगी और आप घबराएगे।

भूतकाल को भूल जाए –

अगर आप ध्यान दे तो आपका आधा दुःख तो इस बात का है की बीते समय में आपके साथ ऐसा हुआ था या फिर किसी शक्स ने आपके साथ ऐसा किया था। ये बात बहुत गलत है की आपको अभी तक वो बात याद है और आप उसे ही सोच सोचकर कुढ़ रहे है। आप उस बात को पूरी तरह से भूल जाए।

शास्त्रों में भी कहा गया है की जो शक्स भूतकाल के सुखो और दुखो को याद रखता है वो कभी भी सुखी नहीं रह सकता है। इसीलिए इन बातो को भूलकर आप अपने जीवन को सुखी बना सकते है।

भविष्य की चिंता –

जिस तरह से भूतकाल के दुःख या सुख आपको दुखी करते है उसी तरह भविष्य की चिंता भी आपको चिता की तरफ ले जाती है। जब आपके मन में वो चलने लगता है जो आपके साथ कई सालो बाद होने वाला है या क्या होने वाला है, तब आप वर्तमान से हट जाते है और दुखी होने लगते है।

आप भूत भविष्य को भूलकर जब अपने वर्तमान को बेहतर करते है तो आपका जीवन सुखी और बेहतर होने लगता है। आप भविष्य के बारे में ना सोचे बल्कि ये सोचे की आज का वर्तमान कैसे बेहतर बनाये की आने वाला भविष्य और अधिक बेहतर है क्योकि आपके भविष्य की नींव आपके वर्तमान में रखी हुई है।

आप चीजो को इग्नोर करना पड़ेगा। जब आप उन चीजो को इग्नोर करने लगते है जो आपके जीवन में दुःख पहुचा रही है तो आप बेहतर जिन्दगी की तरफ कदम बढ़ाने लगते है।

News Reporter

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