आलस्य और आराम को कैसे जानें
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Laziness and comfort – आलस्य एक प्रकार की बीमारी है, आराम ईश्वर की एक कीमती चीज़ है,

इंसान यदि बिस्तर पर लेता हुआ है और वो सोचता है कि वो आराम कर रहा है ये उसकी गलत सोच होती है. क्यूंकि आराम शरीर और दिमाग के थकने पर किया जाता है. जबकि आलस्य में इंसान बिना थके ही बिस्तर पर पड़े रहता है.

यदि आप इसलिए बिस्तर पर पड़े हैं कि आपको लगता है कि आपका शरीर उठने के काबिल नहीं अभी थका-थका लग रहा है. जबकि आप ये भली भांति जानते है कि आपने थकने वाला ऐसा कोई काम नहीं किया तो ये आलस्य है. जबकि कठिन परिश्रम और मेहनत से करने वाले काम से होने वाली थकान को आराम कि जरुरत होती है.

  • आलस्य (Laziness) शरीर को बिना परिश्रम के बाद दिए जाने वाला आराम है जो शरीर को ख़राब करता है. और बुढ़ापे को आमंत्रित करता है.
  • आलस्य (Laziness) काम करने कि अनिच्छा है, एक निष्क्रियता है. वेदो में इसको एक महापाप बतलाया गया है.
  • द्ररिदता भी आती है. आलस्य एक प्रकार कि उदासीनता है.
  • आलस्य (Laziness) मतलब दैनिक गतिविधियों की कमी जो कि न केवल शारीरिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, बल्कि मनोवैज्ञानिक असर भी डालती है।
  • आलस्य से आप धीरे-धीरे नकारात्मक विचार धारा वाले हो जाते हो जो आपको बहुत बाद में पता चलता है.
  • आलस्य किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा शत्रु है, क्योंकि आलस्य के कारण व्यक्ति के गुण भी क्षीण हो जाते हैं।
  • आलस्य का रोग जिस किसी को भी जीवन में पकड़ लेता है, तो फिर वह संभल नहीं पाता।
  • आलस्य से देह और मन दोनों कमजोर पड़ जाते हैं। आलसी व्यक्ति जीवनपर्यन्त लक्ष्य से दूर भटकता रहता है।
  • आलसी व्यक्ति उत्साही नहीं होने के कारण जीवन में अक्सर असफलता का सामना करते हैं।

आराम –

  • आराम का जीवन में बहुत बड़ा महत्व है. लेकिन ये आराम आलस्य का रूप न ले इसके लिए आपको सजग रहना पड़ेगा.
  • आराम जीवन के कठिन परिश्रम के बाद कि स्थिति है.
  • जीवन में ज्यादा आराम मतलब जीवन में असफलता को न्योता देना.
  • एक कड़ी मेहनत और श्रम के बाद किये जाने वाला आराम सही मायने में आराम है. जो आपको अगले श्रम के लिए तैयार करता है.
  • आराम छणिक होना चाहिए लम्बे समय तक आराम आलस्य का रूप लेता है.
  • एक सिमित समय का आराम आपको पुष्ट और तंदुरस्त बनाता है.

कैसे बनाये आलस्य को आराम –

  • कुछ काम न होने पर बिस्तर पर पड़े न रहे. उठ जाये थोड़ा टहल ले. घर में ही काम को ढूंढ लें.
  • फालतू पड़े सामान को जमाये.
  • बिस्तर को सजाये.
  • चादर रोज बदलें. या ठीक करे.
  • छोटे-छोटे कामों को करें.
  • कुल मिलकर शरीर को चलते रहें.

जिसने आराम और आलस्य में अंतर सीख लिए उसने जीवन में भरी सफलता हासिल कर ली.

News Reporter

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