ईश्वर अवतार क्यों लेते है?
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हरी अनंत-हरी कथा अनंता.

वेद पुराण में कई जगह लिखा है ईश्वर के अवतार लेने कारण, मेरे हिसाब से ईश्वर के अवतार लेने के कारण कई हो सकते है. मगर हम वेदों और पुराण अथवा रामायण में लिखे कारणों को मान कर चले वही बहुत है. बाकि तो मुख्य कारण ईश्वर खुद को अव्यक्त से व्यक्त करता है अपनी मर्जी से उसके पीछे कोई कारण नहीं होता है. क्यूंकि हरी अनंत-हरी कथा अनंता.

परमेश्वर ने गीता में कहा कि – अजन्मा और अविनाशीस्वरुप होते हुए भी तथा समस्त प्राणी का ईश्वर होते हुए भी अपनी प्रकृति को अधीन करके अपनी योग माया से प्रकट हूँ। गीता में श्रीकृष्ण परमसत्ता के भाव से अपने ईश्वरभाव का उद्घाटन करते हुए प्रकट हुआ है माने गए हैं स्वयं अलौकिक होते हुए भी इस लौकिक भूमिका में अपने अवतरण का वे हेतु बताते हैं, श्रीकृष्ण कहते हैं कि वे सृष्टि के आदि कारण हैं, स्वामी हैं, विश्व के प्रभु-स्वयं विश्वमय हैं, सर्वेश्वर हैं तब भी वे अपनी प्रकृति को अधिष्ठान बनाकर, उसे अपने संकल्प के अधीन रखकर व्यक्ति भावापन्न हो जाते हैं।

ईश्वर के कई अवतार माने गये हैं-

नित्य अवतार, नैमित्तिक अवतार, आवेश अवतार, प्रवेश अवतार, स्फूर्ति अवतार, आविर्भाव अवतार, अन्तर्यामी रूप से अवतार, विभूति अवतार, आयुध अवतार आदि।

विभिन्न ग्रन्थों में अवतारों की संख्या भिन्न-भिन्न है। कहीं आठ, कहीं दस, कहीं सोलह और कहीं चौबीस अवतार बताये गए हैं, किन्तु दस अवतार बहुमान्य हैं। कल्कि अवतार जिसे दसवाँ स्थान प्राप्त है, वह भविष्य में होने वाला है। पुराणों में जिन चौबीस अवतारों का वर्णन है।

बाकि अन्य कारण निम्न है. –

  • जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है।
  • साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों को विनाश करने के लिए ।
  • धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए ।
  • जीवों पर महान कृपा करने के लिए ।
  • जीवों पर कृपा करने के लिए ।

कलावतार –जब जीव में भगवान् ज्ञान , शक्ति आदि कलाओं से आविष्ट होते है . जैसे नारद , सनक , सनंदन, शेषनाग आदि . सनत कुमार , नारद आदि ज्ञान , भक्ति और शक्ति के अंश से आविष्ट है .महाराज पृथु आदि में क्रिया शक्ति से आविष्ट है .परशुराम जी में शक्ति के अंश से आविष्ट है .ये सभी महाशक्ति से आविष्ट होते है .

विभूति – ये भी कलावतार ही है ; पर यहाँ ये अल्प शक्ति से आविष्ट होते है .जैसे मरीचि आदि

महाभारत अनुसार – महाभारत में जितने भी प्रमुख पात्र थे वे सभी देवता, गंधर्व, यक्ष, रुद्र, वसु, अप्सरा, राक्षस तथा ऋषियों के अंशावतार थे। भगवान नारायण की आज्ञानुसार ही इन्होंने धरती पर मनुष्य रूप में अवतार लिया था।

शिव के दस प्रमुख अवतार –

विष्णु के 24 अवतार हैं, इसी प्रकार शिव के 28 अवतार हैं परन्तु १० मुख्य माने गए है जो निम्न है –

१. महाकाल २. तारा ३. बाल भुवनेश ४. षोडश श्रीविद्येश ५.भैरव ६.छिन्नमस्तक ७. द्यूमवान ८. बगलामुख ९. मातंग १०. कमल

शिव के अन्य ग्यारह अवतार- कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड तथा भव का उल्लेख मिलता है।

आइए जानें विष्णु के 10 अवतार-

1. मत्स्य अवतार-

पृथ्वी के जलमग्न होने की स्थिति में भगवान विष्णु ने मछली का रूप धारण कर रक्षा की।

2. कूर्म अवतार-

समुद्र मंथन के समय मंदर पर्वत को भगवान विष्णु ने क्षीरसागर में अपने कवच पर संभाला था तथा उनकी सहायता से देवों एवं असुरों ने समुद्र मंथन करके 14 रत्नों की प्राप्ति की। अत: इसके लिए भगवान विष्‍णु को कूर्म अवतार लेना पड़ा था।

3. वराह अवतार-

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध किया था तथा पृथ्वी की रक्षा करने के लिए वराह अवतार धारण किया था।

4. नृसिंह अवतार-

भगवान श्रीहरि विष्णु ने नृसिंह रूप धारण कर भक्त प्रहलाद की रक्षा की थी जिसके लिए उन्हें हिरण्यकश्यप का वध करना पड़ा था।

5. वामन अवतार-

विष्णुजी ने वामन ब्राह्मण का रूप धरकर राजा बली से देवताओं की रक्षा की थी जिसके चलते उन्हें वामन अवतार रूप धारण करना पड़ा था।

6. श्रीराम अवतार-

भगवान श्रीहरि ने त्रेतायुग में पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का अवतार धारण कर लंकाधिपति दशानन रावण का वध किया था और दुनिया को असत्य पर विजय की जीत सत्य को दर्शाकर रावण का नाश किया।

7. कृष्ण अवतार-

श्रीहरि विष्णु ने द्वापर युग में कृष्णावतार रूप में जन्म लेकर कंस का वध किया तथा प्रजा की रक्षा करके धर्म को स्थापित किया।

8. परशुराम अवतार-

विष्णु जी ने परशुराम अवतार लेकर अत्याचारी हैहयवंशी क्षत्रिय वंशियों से 36 बार युद्ध किया था और 36 बार ही उनका नाश कर दिया था।

9. बुद्ध अवतार-

बुद्ध को विष्णु का एक अवतार भी माना है। हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि बुद्ध अवतार थे या नहीं थे इस पर विवाद है।

10. कल्कि अवतार-

ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु भविष्य में कलियुग के अंत में कल्कि अवतार में आएंगे और पापियों का अंत करके लोगों के दु:खों का निदान करेंगे।

News Reporter

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