इसके पीछे कारण यह है कि ग्रीष्म ऋतु की भीषण गर्मी से तपी धरती पर जब बारिश पडती है जो भाप निकलती है् वह शरीर में वात - पित - कफ को दूषित करती है। ऐसे में गर्मियों में कमजोर हुई पाचन शक्ति इन तीनों दोषों के कुपित हो जाने के कारण और भी कमजोर हो जाती हैं। वर्षा-ऋतु में बासा भोजन दिन में सोना वर्षा-ऋतु में निकलने वाली धूप में अधिक रहना अधिक व्यायाम आदि का त्याग करें। इन दिनों में मच्छरों के काटने पर उत्पन्न मलेरिया आदि रोगों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाकर सोयें। चर्मरोग से बचने के लिए शरीर की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें। अशुद्ध व दूषित जल का सेवन करने से चर्मरोग, पीलिया रोग, हैजा, अतिसार जैसे रोग हो जाते हैं। दिन में सोना, नदियों में स्नान करना व बारिश में भीगना हानिकारक होता है। वर्षा काल में रसायन के रूप में बड़ी हरड़ का चूर्ण व चुटकी भर सेन्धा नमक मिलाकर ताजा जल सेवन करना चाहिए। वर्षाकाल समाप्त होने पर शरद ऋतु में बड़ी हरड़ के चूर्ण के साथ समान मात्रा में शक्कर का प्रयोग करें।"/>
वर्षा -ऋतु में आहार विहार
Spread the love

ग्रीष्म -ऋतु की विदाई के बाद जब वर्षा की शीतल फुहारें पडने लगती है। तो लोगों का मन हर्षित हो उठता है कि चलो अब गर्मी से राहत मिली । राहत तो मिलती है पर खान -पान एवं रहन – सहन का संतुलन इस ऋतु अनुसार नही होने पर स्वास्थ् प्रभावित हो सकता है।

Indian women life

 

इसके पीछे कारण यह है कि ग्रीष्म ऋतु की भीषण गर्मी से तपी धरती पर जब बारिश पडती है जो भाप निकलती है् वह शरीर में वात – पित – कफ को दूषित करती है। ऐसे में गर्मियों में कमजोर हुई पाचन शक्ति इन तीनों दोषों के कुपित हो जाने के कारण और भी कमजोर हो जाती हैं। वर्षा-ऋतु में बासा भोजन दिन में सोना वर्षा-ऋतु में निकलने वाली धूप में अधिक रहना अधिक व्यायाम आदि का त्याग करें।

इन दिनों में मच्छरों के काटने पर उत्पन्न मलेरिया आदि रोगों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाकर सोयें। चर्मरोग से बचने के लिए शरीर की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें। अशुद्ध व दूषित जल का सेवन करने से चर्मरोग, पीलिया रोग, हैजा, अतिसार जैसे रोग हो जाते हैं। दिन में सोना, नदियों में स्नान करना व बारिश में भीगना हानिकारक होता है।

वर्षा काल में रसायन के रूप में बड़ी हरड़ का चूर्ण व चुटकी भर सेन्धा नमक मिलाकर ताजा जल सेवन करना चाहिए। वर्षाकाल समाप्त होने पर शरद ऋतु में बड़ी हरड़ के चूर्ण के साथ समान मात्रा में शक्कर का प्रयोग करें।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *