संतुलित खानपान - एक संतुलित खानपान का भी नार्मल डिलीवरी में खास योगदान होता है। गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं। विटामिन सी (संतरा, मौसमी, नींबू पानी) को अपनी डायट में शामिल करें। प्रोटीन (दूध, दही, पनीर, दालें) का सेवन ज़रूर करें। अगर नॉनवेज खाती हैं तो मछली, अंडा आदि अपने खानपान में शामिल करें। इसके अलावा कैल्शियम युक्त भोजन (दूध, दही) ज़रूर खाएं। डॉक्टर की निगरानी में रहकर आप कैल्शियम की गोलियां भी ले सकती हैं। खून की कमी ना होने दें - इसके अलावा अपने डॉक्टर से यह सुनिश्चित कर लें कि आपके शरीर में खून की कमी तो नहीं है। आपको बता दें कि खून की कमी हिमोग्लोबिन के कम होने से होती है और इसे एनीमिया भी कहा जाता है। शरीर में खून की कमी ना हो इसके लिए आप अपने खानपान का विशेष ख्याल रखें। आप आयरन युक्त चीज़ें खाएं। इसके अलावा आप डॉक्टर के कहने पर खून बढाने की दवा भी ले सकती हैं।   खूब पानी पिएं - इसके अलावा गर्भवती महिला को भरपूर मात्रा में पानी पीना काफी ज़रूरी है। उन्हें दिन में कम से कम आठ से दस ग्लास पानी पीना चाहिए।   पैदल चलें - दिन में कुछ देर पैदल चलना, सैर पर जाना, टहलना आदि गर्भवती महिला के लिए काफी फायदेमंद रहता है। इससे नार्मल डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।   अच्छी नींद - अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक अच्छी नींद लेना ज़रूरी है। इसलिए तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें। अच्छा संगीत सुनें जिससे आपके मन को शांति पहुंचती हो। खुद को जितना शांत और तनाव से दूर रखेंगी नार्मल डिलीवरी की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। इसके अलावा आप शरीर की मालिश करवाएं जिससे आपकी थकान दूर हो और आपको अच्छा महसूस हो। वज़न नियंत्रित रखें - वज़न का आपकी गर्भावस्था पर और डिलीवरी पर काफी असर पड़ता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान वज़न बढ़ना सामान्य है लेकिन कोशिश करें कि आप ओवरवेट ना हों और ना ही ज़रूरत से ज्यादा वज़न कम हो। गर्भावस्था में आपका कितना वज़न है यह प्रेगनेंसी के पहले के वज़न पर भी निर्भर करता है। इसलिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपने वज़न पर ध्यान दें।  

कितना समय लगता है नॉर्मल डिलीवरी में ?

आमतौर पर नॉर्मल डिलीवरी में लगने वाला समय गर्भवती महिला की शारीरिक अवस्था पर निर्भर करता है। अगर गर्भवती महिला की पहली बार नॉर्मल डिलीवरी होने जा रही है, तो इस प्रक्रिया में 7-8 घंटे तक का समय लग सकता है। वहीं, अगर यह गर्भवती महिला की दूसरी डिलीवरी है, तो इस प्रक्रिया में थोड़ा कम समय लग सकता है  

गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ जरुरी टिप्स :

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क्या है नॉर्मल डिलीवरी ?
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यह डिलीवरी की एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें शिशु का जन्म महिला के योनि मार्ग से प्राकृतिक तरीके से होता है। अगर गर्भावस्था में किसी तरह की चिकित्सीय परेशानी ना हो, तो गर्भवती महिला की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है

सही डॉक्टर का चुनाव –

गर्भवती के लिए एक सही और अनुभवी डॉक्टर का चुनाव करना काफी मायने रखता है। प्रेगनेंसी में आपको आपका डॉक्टर ही होता है जो आपके शरीर और शिशु के विकास पर पूरी नज़र बनाए रखता है और सही जानकारी देता है। इसलिए अपनी प्रेगनेंसी के लिए सही डॉक्टर का चुनाव करें और डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर डॉक्टर द्वारा बताई गई ज़रूरी जांच करवाती रहें।

संतुलित खानपान –

एक संतुलित खानपान का भी नार्मल डिलीवरी में खास योगदान होता है। गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं। विटामिन सी (संतरा, मौसमी, नींबू पानी) को अपनी डायट में शामिल करें। प्रोटीन (दूध, दही, पनीर, दालें) का सेवन ज़रूर करें। अगर नॉनवेज खाती हैं तो मछली, अंडा आदि अपने खानपान में शामिल करें। इसके अलावा कैल्शियम युक्त भोजन (दूध, दही) ज़रूर खाएं। डॉक्टर की निगरानी में रहकर आप कैल्शियम की गोलियां भी ले सकती हैं।

खून की कमी ना होने दें –

इसके अलावा अपने डॉक्टर से यह सुनिश्चित कर लें कि आपके शरीर में खून की कमी तो नहीं है। आपको बता दें कि खून की कमी हिमोग्लोबिन के कम होने से होती है और इसे एनीमिया भी कहा जाता है। शरीर में खून की कमी ना हो इसके लिए आप अपने खानपान का विशेष ख्याल रखें। आप आयरन युक्त चीज़ें खाएं। इसके अलावा आप डॉक्टर के कहने पर खून बढाने की दवा भी ले सकती हैं।

 

खूब पानी पिएं –

इसके अलावा गर्भवती महिला को भरपूर मात्रा में पानी पीना काफी ज़रूरी है। उन्हें दिन में कम से कम आठ से दस ग्लास पानी पीना चाहिए।

 

पैदल चलें –

दिन में कुछ देर पैदल चलना, सैर पर जाना, टहलना आदि गर्भवती महिला के लिए काफी फायदेमंद रहता है। इससे नार्मल डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

 

अच्छी नींद –

अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक अच्छी नींद लेना ज़रूरी है। इसलिए तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें। अच्छा संगीत सुनें जिससे आपके मन को शांति पहुंचती हो। खुद को जितना शांत और तनाव से दूर रखेंगी नार्मल डिलीवरी की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। इसके अलावा आप शरीर की मालिश करवाएं जिससे आपकी थकान दूर हो और आपको अच्छा महसूस हो।

वज़न नियंत्रित रखें –

वज़न का आपकी गर्भावस्था पर और डिलीवरी पर काफी असर पड़ता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान वज़न बढ़ना सामान्य है लेकिन कोशिश करें कि आप ओवरवेट ना हों और ना ही ज़रूरत से ज्यादा वज़न कम हो। गर्भावस्था में आपका कितना वज़न है यह प्रेगनेंसी के पहले के वज़न पर भी निर्भर करता है। इसलिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपने वज़न पर ध्यान दें।

 

कितना समय लगता है नॉर्मल डिलीवरी में ?

आमतौर पर नॉर्मल डिलीवरी में लगने वाला समय गर्भवती महिला की शारीरिक अवस्था पर निर्भर करता है। अगर गर्भवती महिला की पहली बार नॉर्मल डिलीवरी होने जा रही है, तो इस प्रक्रिया में 7-8 घंटे तक का समय लग सकता है। वहीं, अगर यह गर्भवती महिला की दूसरी डिलीवरी है, तो इस प्रक्रिया में थोड़ा कम समय लग सकता है

 

गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ जरुरी टिप्स :

  • आराम करें और अपना पूरा ध्यान रखें।
  • बीच-बीच में चलती फिरती रहें और खूब पानी पिएं।
  • अकेली ना रहें, अपने साथ किसी ना किसी को ज़रूर रखें।
  • अस्पताल जाने के लिए तैयारी शुरू कर दें।

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