क्या गर्भाशय में शिशु देख सकता है?
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गर्भावस्था के Seven Month में क्या सावधानी रखें?

Pregnancy के Seven Month baby में सावधानी और क्या शिशु गर्भ में देख सकता है. आज Indian women life पर इसकी चर्चा करेंगे.

वैसे तो शिशु जन्म के बाद ही पूर्ण रूप से देख सकता है. जन्म के बाद एक बच्चा केवल १० इंच तक ही देख पाने में समर्थ होता है.

जन्म के बाद धीरे-धीरे शिशु की दृस्टि विकास होता है. २८वे सप्ताह में गर्भ का शिशु कभी कभी देख पाने में समर्थ होता है परन्तु पूर्ण दृष्टि जन्म के बाद ही विकसित होती है.

लेंस बनने के बाद दृष्टि की शुरवात होती है इसलिए सर्वप्रथम शिशु की आँख में लेंस बनाना शुरू होती है. जब तक शिशु की पलकें बंद रहती है.

गर्भ में शिशु को दिखना शुरू नहीं होता मगर प्रकाश और अँधेरे का अहसास शुरू हो जाता है. शिशु प्रकाश को महसूस कर सकता है.

जब pregnant women धूप में खड़ी होती है तो शिशु सूर्य के प्रकाश को महसूस कर सकता है. जिस तरह हम आंख बंद करके प्रकाश और अँधेरे को अहसास कर सकते हैं. शिशु की अच्छी दृष्टि के लिए होने वाली माँ को विटामिन A को लेना जरूरी होता है.

जहाँ तक शिशु के आंख के रंग का सवाल है ये अनुवांशिक होता है. इससे भोजन या किसी और चीज़ पर निर्भर नहीं है.

गर्भ में सिखने लगते हैं बच्चे

आपने पौराणिक कहानियों में सुना होगा कि कई ऋषि-मुनि और बड़े जाने-माने लोगों के बच्चे गर्भ से निकलते ही बोलने लगते हैं. इसका एक उदाहरण अष्टावक्र का है जो अपनी माँ के गर्भ में अपने पिताजी से बात करने लगे थे.

इंसान ही नहीं स्तनपायी जानवरो भी अपनी माँ के गर्भ में ही कई चीज़ों को सिखने लगते हैं.

आपने देख होगा कि जानवर के बच्चे पैदा होते ही माँ का दूध पीने लगते हैं क्यूंकि उनके लिए माँ का दूध गर्भ से पहचाना जा चूका था.

अपने चिड़िया के बच्चों को अंडे से बहार आते है चिल्लाते सुना होगा मानो कह रहे हों कि हमें खाना दो. आखिर ये आदत किसने सिखाई. और माँ भी उनके चिल्लाने से उनके मुंह में खाने के निवाला रख कर उनका पेट भरती है.

एक माँ ही होती जो अपने बच्चों को गर्भ में ही पालते हुए उन्हें सिखाती है. इसका अर्थ है कि गर्भ में ही बच्चे कई चीज़ों को सिखने लगते हैं.

स्त्री को सातवें महीने में आते है महत्वपूर्ण बदलाव –

  • Baby की परवरिश के लिए एक लड़की के माँ बनने के लिए जरुरी बदलाव होने लगते हैं.
  • pregnant women को गर्भ के सातवें महीने में ही कुछ जरूर बदलाव आने शुरू हो जाते हैं.
  • सातवें महीने में गर्भ नाभि के ऊपर आ जाता है जिससे कभी-कभी साँस लेने में दिक्कत होती है.
  • स्तन का साइज बाद जाता है.
  • पुरे शरीर का वजन भी बढ़ने लगता है.

सातवें महीने में होते गर्भ के शिशु का विकास-

  • गर्भ के शिशु की आँखों में पलके बनना शुरू हो जाती है.
  • हलकी हलकी भौंए भी आ जाती है.
  • साइज़ में शिशु लगभग एक इंच होता है.
  • सातवें महीने के गर्भ में रह रहे बच्चे का वजन लगभग १ किलो तक का हो सकता है.

सातवें महीने की माँ को रखना चाहिए विशेष सावधानी

  • सही खान-पान जैसे तीखा, चाट, तेल-मसाले आदि.
  • नियमित सैर
  • गलत अवस्था में न सोये
  • चिकित्सक के अनुसार ही खाने की चीज़ें लें
  • खुद को व्यस्त रखे और आराम कम करें.

News Reporter

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