सोमवती अमावस्या-शनि जयंती का महासंयोग
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आज हम Indianwomenlife.com पर इस दुर्लभ संयोग की चर्चा करेंगे, इस बार सोमवार 3 जून 2019 को इस चमत्कारी महासंयोग पर पूजा करके सभी ग्रह, देवी-देवता और स्वयं भगवान को भी मनाया जा सकता है…

इस दिन वट वृक्ष की सात वार परिक्रमा करने के साथ वट वृक्ष को कच्चा -घागा लपेटे साथ ही वट वृक्ष या माँ तुलसी के 108 फेरे दे. ऐसा करने वाली महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है

कैसे करे सोमवती अमावस्या पर तुलसी माँ की पूजा ?

सोमवती अमावस्या ‘somvati-amavasya’ के बारे में बात करेंगे, सोमवती अमावस्या पर कैसे हम तुलसी माँ को प्रसन्न कर के अखंड सौभाग्य का वरदान माँ से पा सकते इस बारे में चर्चा करेंगे । तो चलिए जानते हैं

क्या हैं सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) पर तुलसी पूजा का विधान –

  • किसी वस्तु या खाने की किसी चीज से माँ तुलसी के 108 बार फेरे दे .
  • जिस चीज़ से भी आप फेरे दे उसको रिपीट न करे
  • हर बार अलग -अलग वस्तुओ से परिक्रमा दे,
  • सोमवती अमावस्या पर आप जिस चीज से फेरे दे उसे स्वयं ग्रहण न करें मतलब स्वयं न खाये .
  • ऐसा करने से माँ तुलसी की विशेष कृपा मिलती हैं और स्त्री अखंड सौभाग्य को पाती है .

शनि जयंती

हिन्दू धर्म (Hindu dharm) के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सूर्य व छाया पुत्र शनि देव का जन्म हुआ इसलिए इस दिन को शनि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. ( सूर्य देव और संवर्णा की तीन संताने हुईं – मनु, शनिदेव और भद्रा)

  • इस विशेष दिन भक्तों की भीड़ का ताँता लगा रहता हैं.
  • शनि न्याय के देवता माने जाते है .
  • इस दिन भक्त उपवास रखते है और शनि मंदिर में काले तिल चढ़ाने के साथ साथ उनकी प्रतिमा पर सरसों का तेल का विशेष महत्व होता है
  • shani Jayanti के दिन शनि देव की पूजा का विशेष फल मिलता हैं .
  • भगवान् शनि की पूजा -अर्चना करने से  भक्तो की मनोकामनाएं पूरी होती हैं

News Reporter

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