कैसी हो बच्चों की सुबह की दिनचर्या
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start energetic in the morning for your children? – बच्चे वो ही बनते हैं जो उनकी माँ-बाप बनाते हैं. बच्चो की सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक की दिनचर्या उनके पेरेंट्स पर डिपेंडस होती है.

बच्चों से कभी ये उम्मीद नहीं कर सकते है की वो सुबह जल्दी उठें वो भी पुरे आत्मविश्वास के साथ उठे.  मगर बच्चों की जगह उनके माँ-बाप को चाहिए की वो कैसे अपने बच्चों में संस्कार डालें.

बच्चे जीने की सही कला और आत्मविश्वास कैसे जगाये अपने माँ-बाप से ही सीखते हैं. यहाँ हम बात करेंगे की बच्चों को सुबह कैसे उठना चाहिए और सुबह की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए.

कोई भी बच्चे सुबह उठते समय पूरी एनर्जी के साथ उठे. उनमे बिस्तर से उठते समय बिलकुल भी लचीलापन और सुस्ती न हो.

इसके लिए बच्चे में पांच चीज़े होना जरुरी है.

  • पूरा आत्मविश्वास full confidence
  • Positive thought
  • शरीर में भरपूर पानी
  • कुछ नया करने के लिए हमेशा creative mind for children
  • छोटी-छोटी चीज़ों को जितने का जज्वा.

अपने बच्चे में इस तरह की energy के लिए खुद माँ-बाप ऊर्जावान होना जरुरी है.  अपने बच्चे में सकारात्मक सोच और पूरी एनर्जी भरने के लिए माँ-बाप को भी इस तरह का पहले से होना जरुरी है. क्यूंकि यदि खुद माँ-बाप उदासी स्वाभाव और नेगेटिव थिंकिंग के होंगे तो वो अपने बच्चे में भी न चाहते हुए भी नेगेटिव थॉट को जन्म देंगे.

बच्चों में सुबह की दिनचर्या के लिए सबसे पहले हम क्या करे आइये देखते हैं.

खूब सारा पानी पिलायें – सुबह-सुबह हाइड्रेशन होना जरुरी होता है. रात भर भरपूर नींद लेने के बाद शरीर पानी की आवश्यकता होती है. क्यूंकि सुबह-सुबह शरीर नई कोशिकाओं को जन्म देता है जिसके लिए पानी बहुत सहायक काम करता है.

बच्चों को बिस्तर उठने से पहले गले से लगाए –  जब आपका बच्चा सुबह उठा है तो उसे गले लगा लें और प्यार से पीठ पर हाथ फेरें. बॉडी अफेक्शन होना बहुत जरुरी होता है. इससे बच्चे में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास भरेगा.

बच्चे के सामने ही रूम को सजाये – जब बच्चा उठा है तो उसके सामने ही उसका बिस्तर को जमाये, कमरे में फैली हुई चीज़ों को व्यवस्थित करें. इससे बच्चे के मन में भविष्य की चीज़ों को व्यवस्थित रखने की आदत पड़ेगी.

उठे ही ध्यान और व्यायाम करें – जब आपका बच्चा उठा है तो उसको फ्रेश होने के बाद सीधे किसी खुली जगह पर ले जाये और ध्यान या सुबह की अच्छे व्यायाम को करना सिखाएं. इससे आपके बच्चे में दिन भर एक एनर्जी बनी रहेगी.

प्रंशसा और उत्साहित करें – बच्चों की छोटी-छोटी बात पर उसकी प्रंशसा करें और उसे नए-नए कामों के लिए उत्साहित करें.

ये सभी चीज़ों आपके बच्चे में एक सकारात्मक विचार और एक ऊर्जा देगी जो उसके जीवन भर अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ने के लिए बहुत सहायक होगी.  अपने बच्चे का एक भी दिन व्यर्थ न जाने दे, एक-एक दिन आपके बच्चे के लिए कीमती है.   बचपन में बनाई गई छोटी से छोटी व्यवस्था आपके बच्चे को पुरे जीवन भर काम आएगी.

आपके बच्चे इतने लायक हैं की आप सोच भी नहीं सकते उनकी प्रतिभा को मरने न दें. आपकी दी गई सकारात्मक ऊर्जा और विचार उनके जीवन भर साथ चलेगी. उनको आलसी और बेकार न बनने दें.

News Reporter

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