जीवन के तनाव को कैसे समझें
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Stress Management (तनाव प्रबंधन) जीवन में बिना बुलाये आये हुए तनाव को समझने के लिए जरुरी है. लेकिन सबसे पहले हमें तनाव के मुख्य कारणों को जनाना होगा.

Stress Management (तनाव प्रबंधन)

स्ट्रेस का हमारे मस्तिष्क पर बहुत बुरा होता है, तनाव से मस्तिष्क धीरे-धीरे खोखला बनाता चला जाता है। तनाव हमारे मन पर हमारी सोच पर प्रभाव डालता है. तनाव आने के कुछ बड़े कारण होते हैं जिन्हे हम देख सकते हैं. मगर कुछ इतने छोटे होते हैं जो कब हमारी ज़िंदगी में आ जाते हैं और पता भी नहीं चलता.

कुछ तनाव बड़े होते हैं जैसे- तलाक होना, नौकरी जाना, किसी अपने का साथ छूट जाना, बिज़नेस में घाटा होना आदि.  इन सभी स्थिति में हम समझ सकते हैं की तनाव का आना लाज़मी है. जो हमारे जीवन की गाड़ी को पटरी से नीचे उतारने के लिए काफी हैं.

मगर कुछ छोटे-छोटे कारण भी होते हैं जो हमारे व्यव्हार, सोच और विचार को हिला कर रख देते हैं, जिनके कारण तनाव पैदा हो सकता है . आखिर ये छोटे-छोटे तनाव आते कहाँ से हैं इसकी खोज करना जरूरी है.

इस तरह के तनावों के वास्तविक स्रोतों की जाँच करने के लिए हमें अपनी daily की आदतों, अपने नजरिये अपनी सोच को करीब से परखना पड़ेगा.

Stress management जीवन को सुचारु रूप से चलाने के लिए बहुत जरुरी है

आइये, stress management के यहाँ कुछ easy tips देखते हैं.
  • आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो आपको तनाव देते हैं।
  • कोई व्यक्ति या स्थिति आपके जीवन में लगातार तनाव का कारण बन रहा है तो उस व्यक्ति के साथ कम से कम समय गुजरने की कोशिश करें हो सके तो उस इंसान से अपना रिश्ता ही समाप्त कर दें.
  • जितना हो सके शाम को सोते समय negative यानि नकारात्मक विचारों से दूर रहें. शाम के बाद टीवी पर कोई भी नकारात्मक ख़बरें न देखे, न सुने जिनसे आप तनावपूर्ण स्थिति में आए जाएँ. भले ही आपको उस समय कोई भी फर्क न पड़ रहा हो मगर नकारात्मक बातों से आपके विचारों को भविष्य में नुकसान पहुँच सकता है.
  • उन कामो से बचें जो आपको अप्रिय हों जैसे बाजार जाना.
  • यदि आपको बाजार जाना या लोगो से मोल-भाव करना पसंद नहीं तो आप ऑनलाइन शॉपिंग करें. यहाँ तक की घर का किराना भी ऑनलाइन ही खरीदें.
  • नकारात्मक विचार बहुत बड़ा कारण होता है आपके जीवन में तनाव लाने के लिए, इसलिए जितना हो सकते तनावपूर्ण स्थिति को Positive angle से देखें. नकारात्मक से भी नकारात्मक स्थिति में ये ही सोचे की भविष्य में कुछ अच्छा होने के लिए ये हुआ.
  • कई बार हम अपने शहर या उसके ट्रैफिक की ख़राब स्थिति के बारे में बात करते हैं जो कि एक negative energy हमें देती है.
  • हमें कई बार अपने relatives और आस-पड़ोस के लोगों के बुरे बर्ताव या व्यव्हार कि चर्चा करते हैं. जो हमें भीतर से नेगेटिव बनता है इसलिए दूर रहें.

तनाव बढ़ने के मुख्य लक्षण –

  • साँस की गति बढ़ जाना
  • Blood pressure का बढ़ना
  • मांसपेशियों में ऐंठन होना.
  • नींद में कमी होना या अत्याधिक नींद आना .
  • चिड़चिड़ापन होना.
  • छाती में दर्द होना.
  • घबराना.
  • डाइजेस्टिव सिस्टम खराब होना
  • जल्दी-जल्दी गुस्सा आना
  • समाज से दूर – दूर रहना
  • बार-बार मायूस या रोना

आइये जानते हैं तनाव प्रावधान कैसे रखें.

  • Be positive मतलब सकारातमक दृष्टिकोण रखें.
  • अपनी भावनाओं पर कण्ट्रोल रखें.
  • विचारों पर ध्यान दें.
  • Regular exercise करें.
  • सदा संतुलित भोजन करें.
  • भरपूर नींद लें.
  • शराब आदि नशे से दूर रहें.
  • Positive लोगो से मेल जॉल बढ़ाएं.
  • जरुरत पड़ने पर मनोचिकित्सा से मिलते रहें.

News Reporter

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