टिटनेस बीमारी को निम्न कारण होने से पहचाना जा सकता है -

टिटनेस (Tetanus) से कैसे बचा जा सकता है.

टीकाकरण द्वारा - टिटनेस का सबसे कारगर बचाव टिका लगवाना है. टेटनस टॉक्सॉयड की दो खुराक चार से छह सप्ताह के अंतराल पर दी जाती है. प्रत्येक 10 साल में बूस्टर खुराक लेना जरुरी होता है. जिससे शरीर में जहर रोधी स्तर बना रहे."/>
कैसे बचें खतरनाक बीमारी टिटनेस से
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दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी Tetanus (धनुस्तंभ)

आज हम indianwomenlife बात करेंगे दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी Tetanus (धनुस्तंभ) पर. Tetanus (टिटनेस) होती तो है मात्रा एक बेक्टेरिया से मगर ये बहुत  serious disease है. टिटनेस के होने कारण है बैक्टीरियल टॉक्सिन. जो की मिटटी में पाया जाता है. ये बैक्ट्रिया हमारे तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर डालती है. इसके फैलने पर मांसपेशियां में बहुत ही दर्दनाक दर्द उठना शुरू हो जाता है. टिटेनस के कारण शरीर में ऐठन होने लगती है. ये इतना ताकतवर हो सकता है की आपकी हड्डियां भी टूटने लग जाएँ. इस अवस्था को टेटनी कहते हैं.

इस बैक्टीरियल टिटेनस होने के कारण मरीज को साँस लेने में भी दिक्कत हो सकती है. अचानक से शरीर में ऐठन होने लगती है. धीरे धीरे शरीर में दर्द इतना बढ़ जाता है की मरीज का जिन्दा रहना मुश्किल हो जाता है.

Tetanus causes

टिटनेस बीमारी को निम्न कारण होने से पहचाना जा सकता है –

  • शरीर में उठने वाली अचानक ऐठन से –
  • मांशपेशियों में दर्द होना
  • साँस लेने दिक्कत होना.
  • खाना या पानी को निगलने में दिक्कत होना.
  • बुखार आना
  • बार- बार पसीना आना
  • तेजी से दिल की धड़कन का बढ़ना.

टिटनेस (Tetanus) से कैसे बचा जा सकता है.

टीकाकरण द्वारा – टिटनेस का सबसे कारगर बचाव टिका लगवाना है. टेटनस टॉक्सॉयड की दो खुराक चार से छह सप्ताह के अंतराल पर दी जाती है. प्रत्येक 10 साल में बूस्टर खुराक लेना जरुरी होता है. जिससे शरीर में जहर रोधी स्तर बना रहे.

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