प्रदूषण का असर आंखों पर
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बरसात के बाद और सर्दी के बीच मौसम की वायु की गुणवत्ता हमारी त्वचा लिए खतरा बनती जा रही है. यह सीधे हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है और जलन की वजह हो सकती है. इसकी वजह से आंखों में पानी आ सकता है. ख़राब मौसम से हमें सांस लेने में दिक्कत, खांसी बुखार और यहां तक कि घुटन महसूस होने की समस्या भी हो सकती है. हमें सिरदर्द के साथ साथ चक्कर भी आ सकता है.

प्रदूषण का असर आंखों पर भी पड़ रहा है। खुली हवा में सांस लेना ही नहीं आंखें खोलना भी दूभर हो गया है। बाइक सवार हो, स्कूल जाने वाले बच्चे या फिर बस या कार में सफर करने वाले एहतियात के तौर पर चिकित्सक सभी को पारदर्शी एंटी ग्लेयर चश्मा लगाकर ही घर से निकलने की सलाह दे रहे हैं।

ख़राब मौसम से बचने के लिए खुद को विशेष रूप से अपने चेहरे को कवर कर लेना चाहिए. घर से बहार यदि आप सुबह के व्यायाम और रनिंग के लिए जाते हैं तो उससे बचें, क्योंकि व्यायाम के दौरान हम मौजूद प्रदूषित और हानिकारक हवा को सांस से अधिक मात्रा में खींचते हैं

 

कुछ बेहतर उपाय

ड्राई आइज-

स्मॉग, फॉग और धुएं का मिश्रण की अधिकता के कारण आंखों की उपरी सतह पर प्रदूषण के कण जमा होकर ड्राई आई की समस्या बढा रहे हैं। आंखों में सूखापन, लाली, सेंसेटिविटी आदि इसके लक्षण है तो फौरन किसी अच्छे नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। आई ल्यूब्रिकेटिंग के लिए बेहतर क्वालिटी के नॉन स्टेरॉयड आई ड्राप का प्रयोग किया जा सकता है।

 

सफाई-

हम में से बहुत से लोगों की ये आदत होती है कि जब भी हमारी आंखों में कुछ चला जाता है या हल्की सी भी खुजली होती है तो अपनी आंखें मलने लगते हैं जो की बहुत ही गलत आदत है। क्योंकि जब हमारे हाथ गंदे होते हैं और हम अपनी आंखों को छूते हैं तो उनमें इंफेक्शन होने का खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है।

 

आई मेकअप से दूर रहें-

अगर आपकी आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी हो रही हो तो किसी भी प्रकार के आई मेकअप से दूर रहें, क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपके मेकअप प्रोडक्ट में इस्तेमाल किए गए केमिकल से एलर्जी की वजह से आपकी समस्या बढ़ जाए।

 

न करें लापरवाही-

जब भी कहीं बाहर से आएं अपनी आंखें ठंडे व साफ पानी से धोएं। आप अगर चाहें तो आंखों में गुलाबजल भी डाल सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर फौरान डॉक्टर से संपर्क करे।

त्वचा को धोने के बाद त्वचा में ताजगी और निखार के लिए त्वचा को गुलाब जल से धोइए. काटनवूल को ठंडे गुलाब जल में डुबोइए और इससे त्वचा को टोन कीजिए. इससे त्वचा के रक्त संचार में बढ़ोतरी होती है.

ग्रीन टी भी स्किन टोनर का काम करती है. यदि चेहरे पर फोड़े, फुंसियां आदि हो तो चंदन पेस्ट में गुलाब जल मिलाकर इसे चेहरे पर लगाने के आधे घंटे बाद धो डालिए.

प्रदूषण के शरीर की त्वचा के प्रभाव को कम करने में ‘कवर क्रीम’ महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. चंदन क्रीम त्वचा को प्रदूषण से बचाने में काफी प्रभावी मानी जाती है. यह चेहरे पर रक्षात्मक कवर बना देती है और त्वचा को ठंडक प्रदान करती है. यह त्वचा में नमी बनाए रखने की क्षमता को बढ़ाती है और सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयोगी है.

News Reporter

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