शादी की सही उम्र क्या है, किस उम्र में शादी करना सही है
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What is right age for getting marriage

For Marriage, family and parents play an imperative role in taking the decision regarding right age In Indian society, young boys and girls going to college generally want to get married after completing their studies and getting well-settled in life. Today’s generation also feel that marriage can be delayed but not the career. Building a career and having a well-settled life before marriage is essential.

बहन जी, बिटिया की शादी कब कर रही हो,
अब तक तो आप नानी बन चुकी होती.
अब कौनसी पढ़ाई रह गई बिटिया की जो शादी नहीं कर रही हो.
बेटा, कोई लडक पसंद आया क्या.
बेटा, कोई देख रखा है. जो इतने रिश्ते आने पर भी शादी के लिए हाँ नहीं कह रही हो.

इस तरह के कई प्रश्न और बातें आपको सुनने को मिली होंगी.

आते-जाते रिश्तेदार, दोस्त और पडोसी बढ़ती उम्र की अविवाहित लड़की और उसकी माँ से ऐसे कई सवाल पूछते देखे गएँ. आज कई लड़कियों को अपने बढ़ती उम्र में लड़को का चयन करना बड़ा ही जटिल काम हो गया.

आखिर में वो लड़की या तो वो घर पर कुंवारी बैठती या अपने से ज्यादा उम्र के व्यक्ति से शादी करती है. बढ़ती उम्र में शादी करने से दोनों जोड़ो के बीच आपसे मतभेद ज्यादा होने की आंशका रहती है.

पुराने ज़माने से ही कम उम्र में ही शादी करने का रिवाज़ है. मात्र १२-१५ कि उम्र में ही शादी के लिए तैयारी शुरू हो जाती थी.  वालिग होते-होते शादी को २ से साल से भी ऊपर हो जाते थे. मगर आज ये आलम है कि लड़कियां ३० से भी ऊपर निकल जाती हैं और शादी का कोई अता-पता भी नहीं होता है.

आज कल माँ-बाप भी अच्छे वर की तलाश में लड़की की बढ़ती उम्र को भूल जाते है. लड़की के लिए अच्छे करते-करते ३५ से ऊपर निकाल देते हैं. फिर होता ये है की लड़का-लड़की में वो प्यार नहीं रहता जो एक नव-विवाहित जोड़े में होता है.  क्यूंकि बढ़ती उम्र में दोनों एक दूसरे की समझ को ही सही और बड़ी मानते हैं.

Causes of late marriages

अच्छे संस्कारों की कमी –

पहले जमाने में लोग कुंडली के गृह और इंसानियत के गुण देखकर शादी की जाती थी. मगर अब ज़माना बदल गया. माना की कुंडली दोनों के आर्थिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं. मगर अच्छे संस्कार, अच्छी समझदारी एक-दूसरे के जीवन में सामंजस्य बैठने के लिए जरुरी होता है.  आज अच्छे संस्कारों की जगह लड़के-लड़की वाले दोनों पक्ष बच्चों के पैकेज पर ध्यान दे रहे हैं

आर्थिक कमजोरी –  पैकेज बराबर का नहीं मिलता तो दूसरे गुण दरकिनार कर दिए जाते हैं।

मांगलिक कुंडली – मांगलिक दोष से पीड़ित व्यक्ति को विवाह में देरी होती हैं. यदि लड़का-लड़की में से कोई एक मांगलिक होता है तो विवाह के बाद समस्यां होती है.

जीवन में कुछ बनाने की चाह – आज हर युवा-युवती अपने आप को किसी बड़ी जगह देखना चाहते हैं. जीवन में कुछ बनने के चाह उन्हें विवाह में देरी करती हैं. वह पहले अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं।

लड़कियों को 30 की उम्र तक शादी कर लेना उचित है.

अब प्रश्न उठता है की लड़कियों को ३० की उम्र तक शादी क्यों कर लेना चाहिए. यहाँ तक मुझे समझ आता है उसके कई कारण होते है. फिलहाल में यहाँ कुछ आपको बोलूंगी.

  • लड़कियों की Fertility Capacity प्रजनन क्षमता ज्यादातर 40 की उम्र तक ही रहती है.
  • माँ बनने के बाद शरीर में बदलाब को बढ़ती उम्र में Recover करना मुश्किल होता है.
  • विवाह में देरी के कारण संतान भी देरी में होगी जिससे बच्चे की उम्र २० से २५ तक आते-आते आपकी उम्र ६०-६५ की हो जाएगी.

शादी सही उम्र में करना लड़का-लड़की के अलावा आने वाले बच्चों के लिए भी सुखदाई होती है.  यदि लड़की संस्कारी है,शिक्षित हैं,आपके बच्चे के अनुरूप है तो पैसा तो भविष्य मे वो कमा ही लेंगे।हमे ऐसा जीवनसाथी तलाशना चाहिए,जो अच्छा इंसान हो और हमारे बच्चे को मान सम्मान दे।

कृपया अपने बच्चों की उम्र बढ़ने न दें। गई उम्र लौट कर नही आती।समय रहते योग्य वर/वधू देखकर उनको विवाह के लिए प्रेरित करें।

News Reporter

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