क्या है Sleep Paralysis आखिर क्यों होती है नींद में लकवा जैसी हालत
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नींद में दबना या Sleep Paralysis क्या होता है

Sleep Paralysis में रात को अचानक सोते समय कोई हमें दिखता है, मगर वो हमसे कुछ बात नहीं करता और न ही हम कुछ बोल पाते हैं.

नींद से जागने की अवस्था के बाद भी हम कुछ बोलने या हिलने-डुलने में असमर्थ होते हैं. ऐसा हम में से कई लोगों के साथ होता है.

कुछ देर के लिए हमारे आस-पास किसी के होने का अहसास होता है, कभी-कभी कोई परछाई या इंसान के जैसी आकृति हमारे सामने होती है.

Why is sleep paralysis so scary?

इस आकृति से हम बात करने में असमर्थ होते हैं, इस स्थिति में हम कोई क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं कर पाते है.

जब भी हमें ऊपर दी गई बातों में से कुछ भी हमारे साथ होता है तो इसे स्लीप पैरालेसिस कहते हैं.

स्लीप पैरॉसिस को नींद का लकवा आना भी कहते है. कोई-कोई इसे सपने या नींद में दबना भी कहते हैं.

ये अनुभव भले कुछ पल को मगर बड़ा ही भयानक और डरावना अनुभव देकर जाता है. इस स्थिति से कई लोग गुजरते हैं.

जो भी गुजरें है सिर्फ वो इस बात को जानते हैं की जब ये स्थिति होती है उस समय उन पर क्या बीतती है.

इस स्थिति का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है. केवल अनुमान ही बता सकते हैं.

कई बार व्यक्ति जो अपने सपने में देखता है नींद खुलने के बाद भी उस सपने के व्यक्ति या स्थिति में होता है जिससे वह बाहर निकलने की कोशिश तो करता है मगर बाहर निकलने में बहुत मुश्किल होती है.

Sleep Paralysis एक भ्रम या कोई paranormal activity हैं आज तक पूर्ण रूप से कोई बता नहीं पाया.

Sleep Paralysis के कारण –  

  • चिंता या कोई तनाव होना
  • नींद के आकस्मिक समय होना
  • जीवन शैली में अचानक परिवर्तन करने से
  • अकेलापन
  • मायूसी या कोई भी तनाव
  • डिसऑर्डर की अवस्था
  • कुछ दवाइयों का साइड इफ़ेक्ट
  • नशे का अधिक सेवन

Sleep Paralysis स्लीप पैरालेसिस से कैसे बचें-

  • सपने में दबने से बचने के लिए सबसे पहले आपको नींद का पूर्ण रूप से लेना जरुरी है. आपको पूरी तरह रिलैक्स होना जरुरी है.
  • नींद के बार-बार खुलने का कारण का पता लगाएं.
  • नशे का सेवन न करें.
  • किसी भी बात का तनाव न रखें.
  • सोने से पहले लगभग १ घंटे खुद को आराम दें.
  • Negative सोच न रखें.
  • पीठ के बल सोये.वैसे तो आज तक किसी को भी Sleeping Paralysis की वजह से कोई चोट नहीं पहुंची है मगर मानसिक दबाब जरूर बना है. यदि ये स्थिति बार-बार और जल्दी आने लगे तो अपने चिकित्सक को जरूर दिखाएँ

News Reporter

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