किस्सा -2  रात के लगभग 11.30 बजे हैं मैं मेरी एक महिला रिश्तेदार के साथ बस से उतर कर ऑटो रिक्सा में बैठी थी. रिक्शे वाला अधेड़ उम्र का था तो मुझे कुछ भी अजीब नहीं लगा. रिक्शा थोड़ी दूर चला ही था की उसने रिक्शा यकायक रोक दिया. वह अधेड़ उम्र का आदमी रिक्शे से उतरा और ऑटो को मोड़ने लगा. उसने रिक्शे को मोड़ते समय कई बार मेरी पैरों को छूने की कोशिश की. जिसमे वो 3-4 बार सफल भी हो गया. मुझे अब थोड़ा गुस्सा आया मैं और मेरी महिला रिश्तेदार एक दूसरे को देख कर मन-ही-मन उस आदमी पर गुस्सा हुई. मुझे बार-बार उस आदमी को पीटने का मन हो रहा था. मगर मेरी हिम्मत ही नहीं हुई. मेरे भीतर कहीं कोई डर था जो मुझे ये करने के लिए रोक रहा था.

हर लड़की की कहानी

ये लगभग हर लड़की की कहानी 'indianwomen - every girl's story' है. ये किसी के भी साथ हो सकता है. Women problem and safety किसी भी समय आपको हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना पड़ेगा. इसके लिए आपके भीतर के डर को मिटाना पड़ेगा. आपको हिम्मत जुटानी पड़ेगी.

स्थिति से निपटे के लिए यहाँ कुछ बातें ध्यान देने वाली हैं.

Indian women problem and safety आज पूरी दुनिया में ही नहीं हमारा समाज भी स्त्री को, महिला को पूरी स्वंत्रता देता है, एक महिला को उसकी अपने हिसाब से शिक्षा, नौकरी और जीवन साथी चुनने का पूरा हक है. मगर शायद ये पुरुष प्रधान समाज नहीं समझ पा रहा है.. पुरुष समाज को समझना पड़ेगा कि वो नारी को सम्मान 'wदे, उसकी जिमेदारी लें, सुरक्षा वचन को याद रखे.
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मैं क्या करूँ जब मुझे कोई सुनसान राह में छेड़ने की कोशिश करे
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किस्सा -1   मैं बाज़ार से कुछ सामान खरीद कर घर की ओर जा रही थी. रस्ते में एक बुजुर्ग आदमी मुझे हल्का सा टकराता हुआ तेजी से निकला, मुझे लगा शायद गलती से हुआ. थोड़ी दूर जाने पर वो आदमी आगे सड़क किनारे खड़ा हुआ था.

उस बुजुर्ग आदमी ने मुझे देखकर एक अजीब से हंसी मेरी तरफ फेंकी. उस समय मुझे इतना गुस्सा आया लगा जाकर पूछूं…  उसकी ओर कदम बढ़ाते से ही कदम अचानक से रुक गए. मुझे पता नहीं क्यों, मगर मैं आगे बढ़ नहीं पाई. हिम्मत ही नहीं हुई.

किस्सा -2  रात के लगभग 11.30 बजे हैं मैं मेरी एक महिला रिश्तेदार के साथ बस से उतर कर ऑटो रिक्सा में बैठी थी. रिक्शे वाला अधेड़ उम्र का था तो मुझे कुछ भी अजीब नहीं लगा. रिक्शा थोड़ी दूर चला ही था की उसने रिक्शा यकायक रोक दिया.

वह अधेड़ उम्र का आदमी रिक्शे से उतरा और ऑटो को मोड़ने लगा. उसने रिक्शे को मोड़ते समय कई बार मेरी पैरों को छूने की कोशिश की. जिसमे वो 3-4 बार सफल भी हो गया.

मुझे अब थोड़ा गुस्सा आया मैं और मेरी महिला रिश्तेदार एक दूसरे को देख कर मन-ही-मन उस आदमी पर गुस्सा हुई. मुझे बार-बार उस आदमी को पीटने का मन हो रहा था. मगर मेरी हिम्मत ही नहीं हुई. मेरे भीतर कहीं कोई डर था जो मुझे ये करने के लिए रोक रहा था.

हर लड़की की कहानी

ये लगभग हर लड़की की कहानी ‘indianwomen – every girl’s story’ है. ये किसी के भी साथ हो सकता है. Women problem and safety किसी भी समय आपको हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना पड़ेगा. इसके लिए आपके भीतर के डर को मिटाना पड़ेगा. आपको हिम्मत जुटानी पड़ेगी.

स्थिति से निपटे के लिए यहाँ कुछ बातें ध्यान देने वाली हैं.

Indian women problem and safety

  • ऐसे लोगो के व्यक्तित्व ओर आचरण को समझना पड़ेगा.
  • समाज में हो रही गलत चीज़ों का विरोध भी करना पड़ेगा.
  • किसी भी महिला को ऑंखें झुका कर या ख़ामोशी से घटना को नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए.
  • यदि आप अकेलापन महसूस कर रही हैं तो आसपास के लोगों का साथ लें, उनसे बात करें.
  • आपकी मदद मांगने की प्रतिक्रिया से आस-पास के लोगों में भी हिम्मत आएगी.
  • आपके साथ हो रही गलत घटनाओं की प्रतिक्रिया उसी समय दें, देर न करें.
  • तुरंत हेल्पलाइन या पुलिस को सूचित करें.
  • तुरंत उस व्यक्ति को घूर कर बता दीजिये की हम कमजोर नहीं.
  • अपने मोबाइल फ़ोन से फोटो या वीडियो बना की कोशिश कीजिये
  • किसी भी सोशल मीडिया पर लाइव दिखा सकती हैं.
  • प्रतिकार करें, चिल्लाएं, मदद मांगे.

आज पूरी दुनिया में ही नहीं हमारा समाज भी स्त्री को, महिला को पूरी स्वंत्रता देता है, एक महिला को उसकी अपने हिसाब से शिक्षा, नौकरी और जीवन साथी चुनने का पूरा हक है. मगर शायद ये पुरुष प्रधान समाज नहीं समझ पा रहा है..

पुरुष समाज को समझना पड़ेगा कि वो नारी को सम्मान ‘wदे, उसकी जिमेदारी लें, सुरक्षा वचन को याद रखे.


अनीता आर.

News Reporter

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