नारी तू नारायणी
Spread the love
रवीन्द्र गुप्ता संस्कृत में एक श्लोक है-
‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:। अर्थात्, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं।
भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है।  संस्कृति को बनाए रखते हुए नारी का सम्मान कैसे किया जाए, इस पर विचार करना आवश्यक है।
माता का हमेशा सम्मान हो, मां अर्थात माता के रूप में नारी, धरती पर अपने सबसे पवित्रतम रूप में है। माता यानी जननी। मां को ईश्वर से भी बढ़कर माना गया है, क्योंकि ईश्वर की जन्मदात्री भी नारी ही रही है। मां देवकी (कृष्ण) तथा मां पार्वती (गणपति/ कार्तिकेय) के संदर्भ में हम देख सकते हैं इसे। किंतु बदलते समय के हिसाब से संतानों ने अपनी मां को महत्व देना कम कर दिया है। यह चिंताजनक पहलू है। सब धन-लिप्सा व अपने स्वार्थ में डूबते जा रहे हैं। परंतु जन्म देने वाली माता के रूप में नारी का सम्मान अनिवार्य रूप से होना चाहिए, जो वर्तमान में कम हो गया है, यह सवाल आजकल यक्षप्रश्न की तरह चहुंओर पांव पसारता जा रहा है। इस बारे में नई पीढ़ी को आत्मावलोकन करना चाहिए।
देश की ऐसी कई होनहार बेटियां हैं जिन्होंने ना केवल अपने भारत का नाम रौशन किया बल्कि विश्व में एक मिसाल बनीं। यह वो आम महिला हैं जिन्होंने अपने दम पर अपने ख्वाबों को पूरा किया और भारत को गौरवान्वित किया। जिनकी बात हम कर रहे हैं उनके बारे में पढ़कर आप सब की छाती भी चौड़ी हो जायेगी।
उनमे से कुछ नाम हम यहाँ दे रहे हैं-  
  1. अरुंधति रॉय
  2. वंदना शिवा
  3. किरण बेदी
  4. संपत पाल देवी
  5. मैरी कॉम
  6. सायना नेहवाल
  7. सानिया मिर्जा

 

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *